Vat Savitri Vrat 2026 Date: 16 या 17 मई, कब करें वट सावित्री व्रत? जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त

Published : May 07, 2026, 04:02 PM IST
Vat Savitri Vrat 2026 Date

सार

Vat Savitri Vrat: ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर हर साल वट सावित्री व्रत किया जाता है। इस व्रत का इतंजार सुहागिन महिलाओं को बहुत ही बेसब्री से रहता है। इस व्रत को करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

vat savitri vrat kab hai 2026: हिंदू धर्म में पति की लंबी उम्र और घर की सुख सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं अनेक व्रत करती हैं, वट सावित्री भी इनमें से एक है। ये व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को किया जाता है। सुहागिन महिलाएं ही ये व्रत करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पति की उम्र लंबी होती है और सेहत भी ठीक रहती है। जानें साल 2026 में ये व्रत कब किया जाएगा, साथ ही शुभ मुहूर्त व महत्व…

ये भी पढ़ें-
Motivational Story: दिमाग की बत्ती जला देगी संत-व्यापारी की ये कहानी, सोचने पर कर देगी मजबूर

वट सावित्री व्रत किस तारीख को है?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. द्विवेदी के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 16 मई, शनिवार की सुबह 05 बजकर 11 मिनिट से शुरू होगी जो रात 1 बजकर 30 मिनिट तक रहेगी। वट सावित्री व्रत की पूजा दोपहर में की जाती है, इसलिए ये व्रत व्रत 16 मई, शनिवार को किया जाएगा। इसी दिन शनि जयंती का पर्व भी मनाया जाएगा। वट सावित्री अमावस्या पर कईं शुभ योग भी बनेंगे जिसके चलते इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है।

ये भी पढ़ें-
May 2026 Shubh Muhurat: मई में गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन के कितने शुभ मुहूर्त? नोट करें डेट्स

वट सावित्री व्रत 2026 शुभ मुहूर्त

वैसे तो वट सावित्री व्रत में पूजा सुबह से शाम तक की जा सकती है लेकिन अगर शुभ मुहूर्त देखकर पूजा करना चाहते हैं तो ये हैं इस दिन के मुहूर्त…

सुबह 07:27 से 09:06 तक
दोपहर 11:56 से 12:49 तक
दोपहर 12:23 से 02:01 तक

क्यों करते हैं वट सावित्री व्रत?

वट सावित्री व्रत से जुड़ी सावित्री और सत्यवान की एक एक रोचक है। इस कथा में पातिव्रत्य धर्म के बारे में बताया गया है कि कैसे एक स्त्री अपने पतिव्रत धर्म पर अडिग रहते हुए अपने पति के प्राण यमराज से ले आई। इस कथा के अनुरूप ही महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए ये व्रत करती हैं। इस व्रत में बरगद के वृक्ष की पूजा का विधान है जो सीधे हमें प्रकृति से जोड़ता है। ये वृक्ष ही हमें जीवन देते हैं इसलिए इनकी पूजा करना हमारा धर्म भी है और कर्तव्य भी।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।


 

PREV

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Articles on

Recommended Stories

Motivational Story: दिमाग की बत्ती जला देगी संत-व्यापारी की ये कहानी, सोचने पर कर देगी मजबूर
Sankashti Chaturthi Chandrodaya Time Today: एकदंत संकष्टी चतुर्थी आज, जानें कब उदय होगा चंद्रमा?