Holi 2026 Date: इस बार होलिका दहन और इसके अगले दिन मनाए जाने वाले होली उत्सव को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है। ऐसा इसिलए हो रहा है क्योंकि फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 दिन रहेगी।
Holika Dahan Kab Hai: होली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस पर्व से जुड़ी अनेक कथाएं, मान्याताएं और परंपराएं प्रचलित हैं। ये पर्व हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस बार होलिका दहन और इसके अगले दिन मनाए जाने वाले धुरेड़ी (होली उत्सव) को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 दिन रहेगी। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानें होलिका दहन और होली उत्सव की सही डेट…
पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 02 मार्च, सोमवार की शाम 05 बजकर 55 मिनिट से शुरू होगी जो 03 मार्च, मंगलवार की शाम 05 बजकर 07 मिनिट तक रहेगी। इस तरह फाल्गुन मास की पूर्णिमा 2 दिन होने से होलिका दहन पर्व को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है।
धर्म ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर सूर्यास्त के बाद किया जाता है। ये स्थिति 2 मार्च, सोमवार को बन रही है। इसलिए होलिका दहन इसी दिन करना श्रेष्ठ रहेगा। जिन स्थानों पर होलिका दहन शाम को करने की परंपरा है, वे लोग इसके अगले दिन यानी 3 मार्च, मंगलवार को होलिका दहन करेंगे। ये दोनों ही दिन होलिका दहन के लिए ठीक है। लोग स्थानीय विद्वानों से भी इस संबंध में सलाह ले सकते हैं।
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कब खेलें होली 2026?
होलिका दहन के बाद अब होली उत्सव (धुरेड़ी) को लेकर भी कन्फ्यूजन है। परंपरा के अनुसार होली उत्सव चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है। ये तिथि 4 मार्च, बुधवार को है। लेकिन जो लोग 2 मार्च, सोमवार को होलिका दहन करेंगे, वे इसके अगले दिन यानी 3 मार्च को होली उत्सव मना सकते हैं। वहीं 3 मार्च को होलिका दहन करने वाले ये पर्व 4 मार्च को मनाएंगे।
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होली पर चंद्र ग्रहण का संयोग
इस बार होली उत्सव पर चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है। खास बात ये है कि ये चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसके चलते यहां इसका सूतक आदि सभी नियम मान्य होंगे। ये चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 03:20 से शुरू होगा, जो शाम 06:47 तक दिखाई देगा। यानी इस चंद्र ग्रहण का कुल समय 3 घंटे 27 मिनिट का रहेगा। भारत में ये चंद्र ग्रहण सिर्फ अंतिम 20 मिनिट के लिए ही दिखाई देगा।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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