Ramadan 2026 Start Date: कब से शुरू होगा रमजान? जानें ईद-उल-फितर की सही डेट

Published : Feb 03, 2026, 11:01 AM IST
Ramadan 2026 Start Date

सार

Ramadan 2026 Start Date: इस्लाम का सबसे पवित्र महीना है रमजान। कहते हैं कि इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद को कुरान की आयतें अल्लाह से मिली थीं। इसलिए इस महीने में इस्लाम को मानने वाले रोजा यानी उपवास रख अल्लाह की ईबादत करते हैं।

Kab Hai Eid Ul Fitar 2026: पूरी दुनिया में कईं तरह के कैलेंडर प्रचलित हैं। हिजरी कैलेंडर भी इनमें से एक है। ये इस्लामिक कैलेंडर है, जिसका वर्तमान में 1447 वां साल चल रहा है। इस कैलेंडर में भी साल के 12 महीने होते हैं। इनमें से नौवें महीने का नाम रमजान है। इस्लाम को मानने वाले इस महीने को बहुत ही पवित्र मानते हैं। इस्लामिक मान्यता है कि इसी महीने में अल्लाह से पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान की आयतें मिली थीं। इसलिए इस महीने में मुस्लिम समाजजन इस महीने में रोजा यानी उपवास रखकर खुदा की इबादत करते हैं। आगे जानें 2026 में कब से शुरू होगा रमजान मास…

ये भी पढ़ें-
Holashtak 2026 Date: कब से शुरू होगा होलाष्टक, इस दौरान कौन-से काम न करें?

कब से शुरू होगा रमजान 2026?

हिजरी कैलेंडर के आठवे महीने का नाम शआबान कहते हैं। इस महीने के अंतिम दिन जब चांद दिखाई देता है तो इसके अगले दिन से रमजान मास की शुरूआत मानी जाती है। इस्लामी विद्वानों की गणना के अनुसार, सऊदी अरब और खाड़ी देशों में इस साल पहला रोजा 18 फरवरी को हो सकता है तो वहीं भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में 19 फरवरी से रमजान की शुरूआत हो सकती है।

ये भी पढ़ें-
Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ

कब है ईद-उल-फितर 2026?

पूरा मुस्लिम समाज रमजान के दौरान अल्लाह की ईबादत करता है। इसके बाद ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाता है। ईद-उल-फितर की तारीख चांद के दिखाई देने पर निर्भर करती है। रमजान के 29वें रोजे की शाम को चांद दिखाई देने के अगले दिन ईद मनाई जाती है। अगर चांद नहीं दिखता है तो ईद एक दिन बाद मनाते हैं। इस्लामिक विद्वानों के अनुसार इस साल ईद 21 मार्च, शनिवार को मनाई जा सकती है।

रमजान को क्यों मानते हैं पवित्र मास?

रमजान को इस्लाम में खुदा की ईबादत का महीना कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि रमजान के महीने में ही मोहम्मद पैगंबर साहब को अल्लाह से कुरान की आयतें मिली थीं। पैगंबर साहब ने इन आयतों को कभी लकड़ियों तो कभी तालपत्रों पर लिखकर कुरान को पूरा किया। कहते हैं कि जिस समय मोहम्मद पैगंबर साहब को कुरान की आयतें मिली, उस समय वे पूरी तरह ईश्वरीय प्रेरणा में डूबे हुए थे। इसलिए रमजान में कुरान खास तौर पर पढ़ी जाती है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Articles on

Recommended Stories

Happy Chaitra Navratri 2026: 75+ शानदार विशेज और शायरी, अपनों को शेयर करें चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं
Sehri Iftar Time Today in Kanpur: कानपुर में आज सेहरी-इफ्तार का समय क्या है? जानें गाजियाबाद-मुरादाबाद समेत 5 शहरों की टाइमिंग