
Kab Hai Eid Ul Fitar 2026: पूरी दुनिया में कईं तरह के कैलेंडर प्रचलित हैं। हिजरी कैलेंडर भी इनमें से एक है। ये इस्लामिक कैलेंडर है, जिसका वर्तमान में 1447 वां साल चल रहा है। इस कैलेंडर में भी साल के 12 महीने होते हैं। इनमें से नौवें महीने का नाम रमजान है। इस्लाम को मानने वाले इस महीने को बहुत ही पवित्र मानते हैं। इस्लामिक मान्यता है कि इसी महीने में अल्लाह से पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान की आयतें मिली थीं। इसलिए इस महीने में मुस्लिम समाजजन इस महीने में रोजा यानी उपवास रखकर खुदा की इबादत करते हैं। आगे जानें 2026 में कब से शुरू होगा रमजान मास…
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हिजरी कैलेंडर के आठवे महीने का नाम शआबान कहते हैं। इस महीने के अंतिम दिन जब चांद दिखाई देता है तो इसके अगले दिन से रमजान मास की शुरूआत मानी जाती है। इस्लामी विद्वानों की गणना के अनुसार, सऊदी अरब और खाड़ी देशों में इस साल पहला रोजा 18 फरवरी को हो सकता है तो वहीं भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में 19 फरवरी से रमजान की शुरूआत हो सकती है।
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पूरा मुस्लिम समाज रमजान के दौरान अल्लाह की ईबादत करता है। इसके बाद ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाता है। ईद-उल-फितर की तारीख चांद के दिखाई देने पर निर्भर करती है। रमजान के 29वें रोजे की शाम को चांद दिखाई देने के अगले दिन ईद मनाई जाती है। अगर चांद नहीं दिखता है तो ईद एक दिन बाद मनाते हैं। इस्लामिक विद्वानों के अनुसार इस साल ईद 21 मार्च, शनिवार को मनाई जा सकती है।
रमजान को इस्लाम में खुदा की ईबादत का महीना कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि रमजान के महीने में ही मोहम्मद पैगंबर साहब को अल्लाह से कुरान की आयतें मिली थीं। पैगंबर साहब ने इन आयतों को कभी लकड़ियों तो कभी तालपत्रों पर लिखकर कुरान को पूरा किया। कहते हैं कि जिस समय मोहम्मद पैगंबर साहब को कुरान की आयतें मिली, उस समय वे पूरी तरह ईश्वरीय प्रेरणा में डूबे हुए थे। इसलिए रमजान में कुरान खास तौर पर पढ़ी जाती है।
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