
Kanya Pujan Gifts: नवरात्रि में कन्या पूजन का खास महत्व होता है। अष्टमी और नवमी के दिन छोटी-छोटी कन्याओं को माता रानी का रूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं, तिलक लगाकर पूजा करते हैं, उन्हें हलवा-पूड़ी खिलाई जाती है और विदा करते समय दक्षिणा और उपहार यानी गिफ्ट्स दिए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं में कन्या पूजन के दौरान सम्मान, श्रद्धा और प्रेम को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है। ऐसे में कुछ चीजें उपहार के रूप में देने से बचना बेहतर माना जाता है। आइए जानते हैं कन्या पूजन में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, कौन-से गिफ्ट दिए जा सकते हैं और किनसे बचना चाहिए।
इस बार 2026 में कन्या पूजन 18 से 20 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। आप अपने घर की परंपरा के अनुसार अष्टमी या नवमी तिथि चुन सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार, अष्टमी तिथि का कन्या पूजन 18 अक्टूबर, रविवार को सुबह 8:04 बजे के बाद शुरू होगा और 19 अक्टूबर, सोमवार को सुबह 10:52 बजे तक चलेगा। नवमी तिथि का कन्या पूजन 19 अक्टूबर, सोमवार को सुबह 10:52 बजे के बाद से शुरू होकर 20 अक्टूबर, मंगलवार को सुबह 9:35 बजे से पहले तक किया जा सकता है।
काले रंग की कोई भी चीज या कपड़े
हिंदू धर्म की पूजा-पाठ में काले रंग का इस्तेमाल शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए कन्याओं को काले रंग के कपड़े, काले खिलौने या कोई भी काली चीज गिफ्ट में देने से बचें। माता रानी को लाल, पीला, गुलाबी और हरा जैसे चमकीले रंग पसंद हैं, इसलिए हमेशा इन्हीं रंगों का चुनाव करें।
लोहे का सामान या धारदार चीजें
आजकल लोग कन्याओं को गिफ्ट में टिफिन बॉक्स या ज्यामिति बॉक्स (Geometry Box) देते हैं। ध्यान रखें कि गिफ्ट में कोई धारदार चीज जैसे कैंची, नेल कटर, चाकू या लोहे से बनी चीजें बिल्कुल न हों। पूजा के दौरान लोहे का दान घर में नकारात्मकता (Negativity) ला सकता है।
इस्तेमाल की हुई चीजें या बासी खाना
कन्याओं को साक्षात देवी का रूप माना जाता है। इसलिए कभी भी उन्हें अपने बच्चों के पुराने खिलौने, इस्तेमाल किए हुए कपड़े या रात का बचा हुआ (बासी) खाना पैक करके न दें। जो भी दें, वो बिल्कुल नया, साफ और शुद्ध होना चाहिए।
लाल चुनरी और वस्त्र: लाल रंग माता दुर्गा का सबसे प्रिय रंग है। हर कन्या को लाल चुनरी ओढ़ाना और लाल रंग के कपड़े या रुमाल देना बहुत ही शुभ माना जाता है।
श्रृंगार का सामान: छोटी बच्चियों को रंग-बिरंगी चूड़ियां, बिंदी, हेयर क्लिप्स और मेहंदी बहुत पसंद आती है। इसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है और माना जाता है कि माता रानी इससे बहुत प्रसन्न होती हैं।
पढ़ाई-लिखाई का सामान: आप कन्याओं को कलर पेंसिल, ड्राइंग बुक, अच्छी किताबें या स्टेशनरी का सामान दे सकते हैं। माना जाता है कि इससे उन्हें ज्ञान की देवी मां सरस्वती का आशीर्वाद भी मिलेगा।
फल और दक्षिणा: हलवा-चना के साथ एक मौसमी फल जरूर दें। इसके साथ ही अपनी क्षमता के अनुसार 11, 21 या 51 रुपए की दक्षिणा जरूर दें, क्योंकि दक्षिणा के बिना कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और पंचांग आधारित जानकारियों पर आधारित है। तिथियों और मुहूर्त के समय में आपके स्थान यानी शहर या राज्य के सूर्योदय के अनुसार मामूली बदलाव हो सकता है। किसी भी विशेष पूजा या नियम के पालन से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषी से सलाह जरूर लें।
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