Aaj Chand Kitne Baje Nikalega: करवा चौथ पर कैसे दें चंद्रमा को अर्घ्य? जानें चंद्रोदय का समय, मंत्र और आरती

Published : Oct 29, 2026, 11:20 AM IST
Aaj Chand Kitne Baje Nikalega

सार

Karwa Chauth Arghya Mantra: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं।

Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: इस साल करवा चौथ का त्योहार 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन चंद्रमा की पूजा करने के बाद अर्घ्य दिया जाता है। इसके लिए जल, फूल, अक्षत और दीपक जैसी पूजा सामग्री रखी जाती है। आगे जानिए करवा चौथ पर चंद्रमा कब निकलेगा, अर्घ्य देने की विधि क्या है और इस दौरान कौन-सा मंत्र बोलना चाहिए…

करवा चौथ 2026 पर चंद्रोदय का समय

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, करवा चौथ पर चंद्रमा रात करीब 8 बजकर 32 मिनट पर उदय हो सकता है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के अनुसार चंद्रमा निकलने का समय जरूर देख लें।

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करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?

- रात में चंद्रमा निकलने पर सबसे पहले उन्हें प्रणाम करें और मन में अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। अपनी परंपरा के अनुसार चंद्रमा को कुमकुम, चावल और फूल अर्पित करें।
- एक लोटे में साफ जल लेकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। ध्यान रखें कि जल अर्पित करते समय वह पैरों पर न गिरे।अर्घ्य देते समय ये मंत्र बोलें-
ऊं श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नमः।
- पूजा के बाद घी का दीपक जलाएं और चंद्रमा की आरती करें। पूजा पूरी होने के बाद अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पति के हाथों जल ग्रहण करके या अन्य निर्धारित विधि से व्रत खोलें।

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चंद्रमा की आरती हिंदी में (Chandra Dev Aarti Lyrics)

ऊं जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।
दुःख हरता सुख करता, जय आनंदकारी।
रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी।
दीन दयाल दयानिधि, भव बंधन हारी।
जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।
सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि।
योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, संत करें सेवा।
वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी।
प्रेमभाव से पूजें, सब जग की नारी।
शरणागत प्रतिपालक, भक्तों के हितकारी।
धन-संपत्ति और वैभव, सहज ही सो पावे।
विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी।
सब जग के नर-नारी, पूजा-पाठ करें।
ऊं जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।

Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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