
Kab Hai Maghi Purnima 2026: हिंदू पंचांग के 11वें महीने का नाम माघ है। इस महीने की अंतिम तिथि यानी पूर्णिमा पर चंद्रमा मघा नक्षत्र में होता है, इसलिए इस महीने का ये नाम रखा गया है। धर्म ग्रंथों में इस महीने का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने की अंतिम तिथि को माघी पूर्णिमा कहते हैं। इस बार माघी पूर्णिमा 1 फरवरी, रविवार को है। माघी पूर्णिमा पर नदी में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान के साथ भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व है। आगे जानिए माघी पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि आदि…
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पंचांग के अनुसार, 1 फवररी, रविवार को पुष्य नक्षत्र दिन भरेगा, जिससे रवि पुष्य नाम का राजयोग बनेगा। इसके अलावा सर्वार्थसिद्धि, रवि योग, श्रीवत्स आदि शुभ योग भी इस दिन रहेंगे। इन शुभ योगों के चलते माघी पूर्णिमा का महत्व और भी अधिक हो गया है।
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सुबह 05:34 से 06:22 (ब्रह्म मुहूर्त)
सुबह 08:33 से 09:55 तक
सुबह 09:55 से 11:17 तक
दोपहर 12:18 से 01:02 तक (अभिजीत मुहूर्त)
- 1 फरवरी, रविवार की सुबह जल्दी उठें और किसी पवित्र नदी या तालाब में स्नान करें। ऐसा संभव न हो तो घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
- ऊपर बताए किसी शुभ मुहूर्त में घर में साफ स्थान पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाएं। फूलों की माला पहनाएं और तिलक लगाएं।
- अबीर, गुलाल, रोली, चावल, वस्भ आदि चीजें एक-एक करके भगवान को चढ़ाते रहें। अपनी इच्छा अनुसार भगवान को भोग लगाएं इसमें तुलसी के पत्ते जरूर रखें।
- पूजा करते समय ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप भी करते रहें।अंत में भगवान की आरती करें। अगर मन में कोई इच्छा है तो वह भी बोल सकते हैं।
- इस दिन व्रत रखें। यदि ऐसा न कर पाएं तो एक समय फलाहार कर सकते हैं। अगले दिन व्रत का पारणा करें। इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
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