
Ravi Pushya February 2026 Date: ज्योतिष शास्त्र में कईं शुभ योगों के बारे में बताया गया है। इनमें से कुछ शुभ योग नक्षत्रों से बनते हैं। ऐसा ही एक शुभ योग रवि पुष्य। ये शुभ योग तब बनता है जब किसी रविवार को पुष्य नक्षत्र होता है। पुष्य नक्षत्रों का राजा है और सूर्य ग्रहों का। रवि पुष्य शुभ योग का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस दिन पूजा, उपाय आदि करने से मनोकामना की पूर्ति भी हो सकती है। साल 2026 के दूसरे महीने यानी फरवरी में रवि पुष्य का शुभ योग बनेगा। आगे जानिए कब है रवि पुष्य का शुभ योग और इस दिन कौन-से उपाय करें…
ये भी पढ़ें-
Sant Ravidas Jayanti 2026: कब है संत रविदास जयंती, 1 या 2 फरवरी? जानें सही डेट
पंचांग के अनुसार 31 जनवरी, शनिवार की रात लगभग 01 बजकर 34 मिनिट से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा जो अगले दिन यानी 01 फरवरी, रविवार की रात 11 बजकर 57 मिनिट तक रहेगा। इस तरह 1 फरवरी को पूरे दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा। रविवार को पुष्य नक्षत्र होने से ये रवि पुष्य कहलाएगा। इस दिन किए गए उपाय, पूजा-पाठ आदि बहुत ही ज्यादा शुभ फल देने वाले रहेंगे।
ये भी पढ़ें-
Maghi Purnima 2026: कब है माघी पूर्णिमा? जानें शुभ मुहूर्त और उपाय
सुबह 08:33 से 09:55 तक
सुबह 09:55 से 11:17 तक
दोपहर 12:18 से 01:02 तक
दोपहर 02:02 से 03:25 तक
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार पुष्य नक्षत्र अलग-अलग वारों के साथ मिलकर कईं शुभ योग बनाता है। जब किसी रविवार को पुष्य नक्षत्र होता है तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। रविवार को पुष्य नक्षत्र होने से श्रीवत्स नाम का शुभ योग बनता है जो सभी मांगलिक कामों के लिए श्रेष्ठ माना गया है। रवि पुष्य में की गई खरीदी भी लंबे समय तक शुभ फल देने वाली मानी गई है।
1. अगर आप धन लाभ चाहते हैं तो रवि पुष्य के शुभ योग में देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
2. रवि पुष्य के शुभ योग में सोना खरीद कर इसकी पूजा करनी चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
3. शनि भी पुष्य नक्षत्र से संबंधित है। अगर किसी की कुंडली में शनि दोष हो तो उसे इस दिन शनिदेव की पूजा करनी चाहिए।
4. रवि पुष्य के शुभ योग में सूर्यदेव की पूजा भी विशेष फल देने वाली मानी गई है।
5. रवि पुष्य के शुभ योग में केले के पेड़ की पूजा करें। इससे लव लाइफ की परेशानियां खत्म हो सकती है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।