Maha Shivaratri 2026: महाशिवरात्रि पर कैसे करें बाबा महाकाल के दर्शन? जानें पूरी डिटेल

Published : Feb 05, 2026, 01:13 PM IST
Maha Shivaratri 2026

सार

Maha Shivaratri 2026: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित बाबा महाकालेश्वर का मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में तीसरे स्थान पर आता है। अगर आप इस महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन करना चाहते हैं तो यहां जानें पूरी डिटेल…

Mahakal Mandir Ujjain: इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 जनवरी, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। उज्जैन स्थित भगवान महाकाल का मंदिर भी शिवजी के प्रमुख मंदिरों में से एक है। 12 में से ये एकमात्र एकमात्र ज्योतिर्लिंग हैं जो दक्षिणमुखी है। महाशिवरात्रि पर यहां लाखों भक्त बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए आते हैं। इस महाशिवरात्रि आने वाले भक्तों के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर समिति का दावा है भक्तों को बाबा महाकाल के दर्शन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आगे जानें महाशिवरात्रि पर कैसे करें बाबा महाकाल के दर्शन…

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सामान्य भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था

अगर आप सामान्य भक्त के रूप में बाबा महाकाल के दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको भील समाज धर्मशाला के समीप बने द्वार से प्रवेश करना होगा। यहां से चारधाम मंदिर पार्किंग, त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से होते हुए श्री महाकाल महालोक, फेसेलिटी सेंटर-01 से होते हुए आप गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकते हैं। ये मार्ग लगभग डेढ़ किलोमीटर का रहेगा।

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250 रुपए का टिकट लेकर जल्दी करें दर्शन

अगर आपके बाबा महाकाल के दर्शन जल्दी करना है तो इसके लिए आपको 250 खर्च कर शीघ्र दर्शन टिकट लेनी होगी। टिकट वाले भक्तों की लाइन भी भील समाज धर्मशाला से शुरू होगी। ये लोग अशोक सेतु, मानसरोवर भवन, नवीन टनल-01 होते हुए गणेश मंडपम से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। ये मार्ग लगभग 1 किलोमीटर का होगा।

महाशिवरात्रि पर कैसे करें भस्मआरती के दर्शन?

महाशिवरात्रि पर्व पर भस्म आरती में उन्हीं भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा जिन्हें पहले पंजीयन करवाया है। इन भक्तों को मानसरोवर भवन और द्वार क्रमांक-01 से प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा चलित भस्मारती में भी भक्त बाबा महाकाल की भस्मारती के दर्शन कर सकेंगे। महाकाल मंदिर में रोज सुबह की जाने वाली भस्मारती विश्व प्रसिद्ध है। दूर-दूर से भक्त भस्मारती के दर्शन करने आते हैं। महाशिवरात्रि पर भस्मारती रात को ढाई बजे की जाएगी। इसके बाद बाबा महाकाल लगातार 44 घंटे तक भक्तों को दर्शन देंगे।


 

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