
Mahakal Mandir Ujjain: इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 जनवरी, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। उज्जैन स्थित भगवान महाकाल का मंदिर भी शिवजी के प्रमुख मंदिरों में से एक है। 12 में से ये एकमात्र एकमात्र ज्योतिर्लिंग हैं जो दक्षिणमुखी है। महाशिवरात्रि पर यहां लाखों भक्त बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए आते हैं। इस महाशिवरात्रि आने वाले भक्तों के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर समिति का दावा है भक्तों को बाबा महाकाल के दर्शन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आगे जानें महाशिवरात्रि पर कैसे करें बाबा महाकाल के दर्शन…
ये भी पढ़ें-
Maha Shivaratri 2026: शिवरात्रि और महाशिवरात्रि एक है या अलग-अलग? जानें फैक्ट
अगर आप सामान्य भक्त के रूप में बाबा महाकाल के दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको भील समाज धर्मशाला के समीप बने द्वार से प्रवेश करना होगा। यहां से चारधाम मंदिर पार्किंग, त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से होते हुए श्री महाकाल महालोक, फेसेलिटी सेंटर-01 से होते हुए आप गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकते हैं। ये मार्ग लगभग डेढ़ किलोमीटर का रहेगा।
ये भी पढ़ें-
Surya Grahan 2026: साल के पहले सूर्य ग्रहण का काउंट डाउन शुरू, जानें कितने दिन बाकी?
अगर आपके बाबा महाकाल के दर्शन जल्दी करना है तो इसके लिए आपको 250 खर्च कर शीघ्र दर्शन टिकट लेनी होगी। टिकट वाले भक्तों की लाइन भी भील समाज धर्मशाला से शुरू होगी। ये लोग अशोक सेतु, मानसरोवर भवन, नवीन टनल-01 होते हुए गणेश मंडपम से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। ये मार्ग लगभग 1 किलोमीटर का होगा।
महाशिवरात्रि पर्व पर भस्म आरती में उन्हीं भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा जिन्हें पहले पंजीयन करवाया है। इन भक्तों को मानसरोवर भवन और द्वार क्रमांक-01 से प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा चलित भस्मारती में भी भक्त बाबा महाकाल की भस्मारती के दर्शन कर सकेंगे। महाकाल मंदिर में रोज सुबह की जाने वाली भस्मारती विश्व प्रसिद्ध है। दूर-दूर से भक्त भस्मारती के दर्शन करने आते हैं। महाशिवरात्रि पर भस्मारती रात को ढाई बजे की जाएगी। इसके बाद बाबा महाकाल लगातार 44 घंटे तक भक्तों को दर्शन देंगे।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।