
Ujjain Mahakal Sawari: मध्य प्रदेश के उज्जैन में हर साल भगवान महाकालेश्वर की सवारी सावन और भादौ मास में निकाली जाती है। इस बार मंदिर प्रबंध समिति ने सभी सवारियों के लिए अलग-अलग थीम तय की हैं जिससे श्रद्धालुओं को हर सोमवार एक नया अनुभव मिल सके। विभिन्न जिलों से आने वाले जनजातीय नृत्य दल सभी सवारियों में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं अंतिम सवारी में सिंहस्थ-2028 की झलक देखने को मिलेगी। आगे जानें इस बार बाबा महाकालेश्वर की कितनी सवारी निकलेगी और इनकी थीम क्या रहेगी…
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परंपरा के अनुसार हर साल सावन मास के प्रत्येक सोमवार को और भादौ मास के पहले 2 सोमवार को उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर की सवारी निकाली जाती है। भादौ की दूसरी सवारी को राजसी सवारी कहते हैं। इस बार सावन मास में बाबा महाकाल की 4 और भादौ में 2 सवारी निकलेगी। इनकी डेट्स इस प्रकार है-
पहली सवारी- 3 अगस्त
दूसरी सवारी- 10 अगस्त
तीसरी सवारी- 17 अगस्त
चौथी सवारी- 24 अगस्त
पांचवी सवारी- 31 अगस्त
छठी सवारी- 7 सितंबर (राजसी सवारी)
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पहली सवारी- बाबा महाकाल की पहली सवारी की थीम वैदिक उद्धबोधन पर आधारित होगी। इसमें प्राचीन उज्जियनी की झलक देखने को मिलेगी।
दूसरी सवारी- दूसरी सवारी की थीम लोक नृत्यों पर आधारित होगी। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
तीसरी सवारी- ये सुरक्षा बलों के प्रदर्शन पर आधारित रहेगी। इसमें पुलिस सेना, होमगार्ड, स्कूलों निजी बैंड अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
चौथी सवारी- सावन मास की अंतिम सवारी की थीम पर्यावरण पर आधारित होगी। इसमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देखने को मिलेगा।
पांचवी सवारी- बाबा महाकाल की पांचवी सवारी बहुत ही खास रहेगी। इस सवारी में उज्जैन स्थित 84 महादेव की झांकी दिखाई जाएगी।
छठी सवारी- बाबा महाकाल की अंतिम सवारी की थीम सिंहस्थ 2028 पर आधारित होगी। इस सवारी में सिंहस्थ की झलकियां और झांकी दिखाई जाएगी। साथ ही ड्रोन से फूलों की बारिश भी की जाएगी।
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