
Navratri 2026 Devi Kushmanda Puja Vidhi: शारदीय नवरात्रि में इस बार तिथियों के संयोग के कारण पर्व 9 की जगह 10 दिनों तक मनाया जाएगा। नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है। इस साल यह पूजा 14 अक्टूबर, बुधवार को होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा की आराधना करने से लंबी उम्र और अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है। आइए जानते हैं मां कूष्मांडा की पूजा विधि, मंत्र, आरती और उनसे जुड़ी खास बातें।
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सुबह 06:27 से 07:53 तक
सुबह 07:53 से 09:20 तक
सुबह 10:46 से दोपहर 12:12 तक
दोपहर 03:05 से शाम 04:32 तक
शाम 04:32 से 05:58 तक
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- 14 अक्टूबर, बुधवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत-पूजा का संकल्प लें। घर में किसी साफ जगह पर लकड़ी के बाजोट यानी पटिए पर मां कूष्मांडा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
- मां की प्रतिमा पर कुमकुम से तिलक लगाएं, फूलों की माला पहनाएं और पूजा के दौरान दीपक जलाएं। पूमां को अबीर, गुलाल, जनेऊ, सुपारी सहित पूजा की अन्य सामग्री एक-एक करके चढ़ाएं।
- मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग लगाएं और विधि-विधान से आरती करें। पूजा के बाद संभव हो तो नीचे दिए गए मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे आपको शुभ फल मिलेंगे।
मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
कूष्मांडा जय जग सुखदानी। मुझ पर दया करो महारानी॥
पिगंला ज्वालामुखी निराली। शाकंबरी मां भोली भाली॥
लाखों नाम निराले तेरे। भक्त कई मतवाले तेरे॥
भीमा पर्वत पर है डेरा। स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥
सबकी सुनती हो जगदंबे। सुख पहुंचती हो मां अंबे॥
तेरे दर्शन का मैं प्यासा। पूर्ण कर दो मेरी आशा॥
मां के मन में ममता भारी। क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥
तेरे दर पर किया है डेरा। दूर करो मां संकट मेरा॥
मेरे कारज पूरे कर दो। मेरे तुम भंडारे भर दो॥
तेरा दास तुझे ही ध्याए। भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥
नवरात्रि के चौथे दिन रॉयल ब्लू (गहरा नीला) रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। ये रंग कॉन्फिडेंस, स्थिरता और पॉजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन इस रंग के वस्त्र पहनने से मानसिक तनाव दूर होता है और मन में शांति बनी रहती है।
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