Navratri Rituals Traditions: नवरात्रि से अनेक स्थानों पर देवी को बलि चढ़ाने की परंपरा हैं। कुछ स्थानों पर पशुओं की बलि दी जाती है तो कुछ स्थानों पर एक विशेष सब्जी को काटकर बलि देने की परंपरा है। जानें कौन-सी हैं वो सब्जी?

Kaddu Ki Bali Kyo Dete Hai: नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान कई तरह की परंपराएं निभाई जाती हैं। कहीं देवी को नारियल और मिठाई का भोग लगाया जाता है, तो कहीं बलि देने की परंपरा भी प्रचलित है। हालांकि, कई जगहों पर पशु बलि के बजाय कद्दू की बलि दी जाती है। इसे सात्विक बलि भी कहा जाता है। ये भूरा कद्दू होता है। कद्दू से जुड़ी कईं मान्यताए हमारे समाज में प्रचलित हैं। आगे जानिए इनके बारे में…

नवरात्रि में कद्दू की बलि क्यों दी जाती है?

ऐसा कहते हैं कि देवी बलिप्रिय हैं यानी देवी को बलि बहुत प्रिय है। इसलिए बहुत से मंदिरों में नवरात्रि के दौरान देवी को पशु बलि दी जाती है लेकिन कुछ स्थानों पर पशु बलि की परंपरा नहीं है। इस स्थिति में यहां भूरे कद्दू की बलि देने की परंपरा निभाई जाती है। कुछ परंपराओं में कद्दू की बलि को पशु बलि के प्रतीकात्मक विकल्प के रूप में देखा जाता है।

ये भी पढ़ें-
Upang Lalita Vrat 2026: 14 या 15 अक्टूबर, कब करें उपांग ललिता व्रत? जानें पूजा की विधि, मुहूर्त और आरती

देवी को कद्दू की ही बलि क्यों देते हैं?

छत्तीसगढ़ के बस्तर सहित कुछ आदिवासी इलाकों में कद्दू को लेकर अलग मान्यता प्रचलित है। यहां की कुछ आदिवासी परंपराओं के अनुसार, कद्दू को परिवार के बड़े बेटे के समान माना जाता है। इसलिए कद्दू काटने को बेटे की बलि देने जैसा समझा जाता है। अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं जिसके चलते इस तरह की परंपरा शुरू की गई जो आज तक चली आ रही है।

ये भी पढ़ें-
नवरात्रि में बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें 9 दिनों के दौरान हेयरकट करवाने के नियम

महिलाएं क्यों नहीं काटती कद्दू?

बहुत से स्थानों पर महिलाओं द्वारा कद्दू नहीं काटा जाता क्योंकि ऐसा करना बलि देने जैसा माना जाता है और हिंदू धर्म में महिलाओं द्वारा बलि देना निषेध है। इसलिए पहले पुरुष द्वारा कद्दू काटा जाता है इसके बाद महिलाएं इसे अपने मनपसंद आकार में काट सकती हैं। कुछ परंपराओं में कद्दू को अकेले काटने के बजाय उसके साथ दूसरी सब्जी भी काटी जाती है। कद्दू की तामसिक पूजा से जोड़कर भी देखा जाता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।