Nirjala Ekadashi Ke Bhajan: निर्जला एकादशी पर सुनें ये सुपरहिट भजन, मिलेगा व्रत का कईं गुना फायदा

Published : Jun 25, 2026, 07:37 AM IST
Nirjala Ekadashi Ke Bhajan

सार

Nirjala Ekadashi Bhajan Lyrics: एकादशी तिथि पर भगवान की पूजा और भजन-कीर्तन का विशेष महत्व है। इस दिन भजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी हो सकती है।

Popular Ekadashi Bhajans: धर्म ग्रंथों में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व बता गया है। इस बार ये व्रत 25 जून, गुरुवार को किया जाएगा। निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से भजन-कीर्तन करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। अगर आप भी निर्जला एकादशी के व्रत का लाभ उठाना चाहते हैं तो इस दिन एकादशी के भजन जरूर सुनें। आगे पढ़ें एकादशी भजन के लिरिक्स…

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संतों की प्यारी एकादशी लिरिक्स भजन

संतों की प्यारी एकादशी
भक्तों की प्यारी एकादशी
जिसके घर में कुआं बावड़ी
अरे नहावे धावे गिरधारी
भक्तों की प्यारी एकादशी
जिसके घर में तपे रसोई
अरे भोग लगावे गिरधारी
भक्तों की प्यारी एकादशी
जिसके घर में कुंवारी कन्या
अरे भात भरत है गिरधारी
भक्तों की प्यारी एकादशी
जिसके घर में तुलसी का बिड़ला
पूजा करे हम गिरधारी
भक्तों की प्यारी एकादशी
जिसके घर में बूढ़ी डुकरिया
कंधा लगावे गिरधारी
भक्तों की प्यारी एकादशी
जिसके घर में गैया बछड़ा
रोज खिलावे गिरधारी
भक्तों की प्यारी एकादशी
जिसके घर में पूजा पाठ होवे
ध्यान लगावे गिरधारी
भक्तों की प्यारी एकादशी

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तू कर ले व्रत ग्यारस का भजन लिरिक्स 

तू कर ले ब्रत ग्यारस को हरी तो तुझे मिल जायेंगे माला जप ले तू कर ले ब्रत ग्यारस को
कभी दान करो अन्न धन का कि भंडारे भर जायेंगे माला जप ले तू कर ले ब्रत ग्यारस को
तुम सेवा करो मां बाप की कि सारे तीर्थ हो जायेंगे माला जप ले तू कर ले ब्रत ग्यारस को
तुम सेवा करो गऊ मां की कि बैकुंठ मिल जायेगा माला जप ले तू कर ले ब्रत ग्यारस को
कभी दिल न किसी का दुखाना कि सब सुख मिल जायेगा माला जप ले तू कर ले ब्रत ग्यारस को
कभी कीर्तन करो हरि नाम का कि बेड़ा पार हो जायेगा माला जप ले तू कर ले ब्रत ग्यारस को

आई एकादशी व्रत एकादशी श्री हरी को प्यारी एकादशी भजन लिरिक्स 

आई एकादशी व्रत एकादशी
श्री हरि को प्यारी एकादशी
कर लो भक्तों व्रत एकादशी
जिसके घर में तुलसी का पौधा,
सींचन को आयें गिरधारी
आई एकादशी व्रत एकादशी…
जिनके घर में गंगा जमुना,
नहावन को आयें गिरधारी
आई एकादशी व्रत एकादशी…
जिनके घर में ठाकुर की पूजा,
ज्योति को जलाने आयें गिरधारी
आई एकादशी व्रत एकादशी…
जिनके घर में गाय माता है,
देखो दूध दुहने आयें गिरधारी
आई एकादशी व्रत एकादशी…
जिनके घर में कुवांरी कन्या,
देखो ब्याह रचाने आयें गिरधारी
आई एकादशी व्रत एकादशी…
जिनके घर में सीता रसोई,
देखो भोग लगाने आयें गिरधारी
आई एकादशी व्रत एकादशी...

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान, जगत में ग्यारस बड़ी महान लिरिक्स 

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
ग्यारस के दिन सिर से नहावे,
लेवे कछुए का अवतार,
कछुए का अवतार रे,
अर्जुन कछुए का अवतार,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
ग्यारस के दिन खाट पै सोवे,
लेवे अजगर का अवतार,
अजगर का अवतार रे,
अर्जुन अजगर का अवतार,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
ग्यारस के दिन बैंगन खावे,
लेवे भैंसे का अवतार,
भैंसे का अवतार रे,
अर्जुन भैसे का अवतार,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
ग्यारस के दिन चावल खावे,
लेवे कीड़े का अवतार,
कीड़े का अवतार रे,
अर्जुन कीड़े का अवतार,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
ग्यारस के दिन दूध जो पीवे,
लेवे नागिन का अवतार,
नागिन का अवतार रे,
अर्जुन नागिन का अवतार,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
ग्यारस के दिन घर घर डोले,
लेवे कुतिया का अवतार,
कुतिया का अवतार रे,
अर्जुन कुतिया का अवतार,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
ग्यारस के दिन करे लड़ाई,
लेवे चंडी का अवतार,
चंडी का अवतार रे,
अर्जुन चंडी का अवतार,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
ग्यारस के दिन माला फेरे,
हो जाए भव से पार,
हो जाए भव से पार रे,
अर्जुन हो जाए भव से पार,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान,
अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,
जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

हाजरी लिखवाता हूँ हर ग्यारस में भजन लिरिक्स 

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में,
मिलती है तन्खा, मिलती है तन्खा,
मुझे बारस में,
हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥
दो दिन के बदले में तीस दिनों तक मौज करूँ,
अपने ठाकुर की सेवा भजनो से रोज करूँ,
रहता है तू सदा, रहता है तू सदा,
भक्तो के वश में,
हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥
दो आंसू जब बह जाते है चरणों में तेरे,
करता घर की रखवाली जाकर तू घर मेरे,
झूठी ना खाता हूँ, झूठी ना खाता हूँ,
दर पे मैं कस्मे,
हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥
दुनिया की सब मौजे छूटे ग्यारस न छूटे,
श्याम के संग हरबार तेरे दर की मस्ती लुटे,
मिल गया तू मुझे, मिल गया तू मुझे,
भजनो के रस्मे,
हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥
हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में,
मिलती है तन्खा, मिलती है तन्खा,
मुझे बारस में,
हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥

 

Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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