Pithori Amavasya 2026: अमावस कब की है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और उपाय

Published : Sep 10, 2026, 08:24 AM IST
Pithori Amavasya 2026

सार

Pithori Amavasya 2026 Kab Hai: भाद्रपद मास की अमावस्या को महाराष्ट्र मे विशेष उत्सव मनाया जाता है। इसे पोला पिठोरा के नाम भी जाना जाता है। इस दिन विशेष पूजा, उपाय आदि भी किए जाते हैं।

Pithori Amavasya 2026 Date: भाद्रपद महीने की अमावस्या को कुशग्रहणी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन पितरों की शांति के लिए पूजा, तर्पण और दान करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस अमावस्या पर किए गए धार्मिक कामों से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। महाराष्ट्र में इस अमावस्या को पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। आगे जानिए पिठोरी अमावस्या कब है और इस दिन कौन-से उपाय करें…

पिठोरी अमावस्या कब है?

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की अमावस्या 10 सितंबर, गुरुवार की सुबह 10:33 से शुरू होगी जो अगले दिन यानी 11 सितंबर, शुक्रवार की सुबह 08:56 तक रहेगी। पिठोरी अमावस्या में दोपहर में पूजा आदि कर्म किए जाते हैं, इसलिए पिठोरी अमावस्या का पर्व 10 सितंबर, गुरुवार को मनाया जाएगा।

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पिठोरी अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त

- सुबह 10:51 से दोपहर 12:23 तक
- दोपहर 11:59 से 12:48 तक
- दोपहर 12:23 से 01:55 तक
- दोपहर 01:55 से 03:28 तक

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पिठोरी अमावस्या का क्या महत्व है?

पिठोरी अमावस्या को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं। इस दिन खासतौर पर महिलाओं द्वारा 64 योगिनियों की पूजा करने की परंपरा बताई गई है। इसके लिए आटे से इनकी प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। मान्यता है कि इस पूजा से संतान से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और बच्चों को सुख-समृद्धि व अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है। वहीं, पितरों की शांति के लिए इस दिन तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करना भी शुभ माना जाता है। इससे पितरों की कृपा मिलने और परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ने की मान्यता है।

पिठोरी अमावस्या पर कौन-से उपाय करें?

1. इस दिन सुबह स्नान करके जरूरतमंद लोगों को भोजन, अनाज, कपड़े या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी जरूरी चीजों का दान करें।
2. पिठोरी अमावस्या पर पितरों को याद करके तर्पण और श्राद्ध करने की परंपरा है। ऐसा घर पर या किसी पवित्र तीर्थ स्थान पर किया जा सकता है।
3. इस दिन किसी ब्राह्मण को सम्मान के साथ घर बुलाकर भोजन करवाएं। इसके बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा देकर विदा करें।
4. पिठोरी अमावस्या पर गाय को हरा चारा खिलाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर मछलियों को भी खिलाई जा सकती हैं।
5. अमावस्या की शाम आटे से चार मुख वाला दीपक बनाकर उसमें सरसों का तेल डालें और पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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