Pitru Paksha 2026: क्या महिलाएं कर सकती हैं पिंडदान-तर्पण? धर्म शास्त्रों से जानें इसका जवाब

Published : Oct 04, 2026, 03:20 PM IST
Pitru Paksha 2026

सार

Pitru Paksha Pind Daan: कईं बार मन में सवाल आता है कि क्या महिलाएं अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण आदि कर सकती हैं। धर्म ग्रंथों में इससे संबंधित बातें भी पढ़ने को मिलती हैं। जानें क्या लिखा है पुराणों में?

Can Women Perform Pind Daan: इस बार पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू हो चुका है जो 10 अक्टूबर तक रहेगा। इस दौरान लोग अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान आदि करती हैं। आमतौर पर यह जिम्मेदारी परिवार के पुरुष सदस्य, खासतौर पर पुत्र, निभाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर परिवार में पुत्र न हो तो क्या बेटी, पत्नी या बहू पिंडदान और तर्पण कर सकती है? धर्म ग्रंथों और परंपराओं में इससे जुड़ी कईं बातें पढ़ने और सुनने को मिलती हैं।

महिलाएं कब कर सकती हैं पिंडदान?

गरुड़ पुराण में यह बताया गया है कि पुत्र के अभाव में परिवार के अन्य सदस्य श्राद्ध कर्म कर सकते हैं। प्रचलित रूप से श्लोक है—
पुत्राभावे वधू कुर्यात्, भार्याभावे च सोदरः।
शिष्यो वा ब्राह्मणः सपिण्डो वा समाचरेत्॥

अर्थ- पुत्र के न होने पर पत्नी या बहू श्राद्ध कर्म कर सकती है। इनके अभाव में भाई, शिष्य, ब्राह्मण या अन्य सपिंड रिश्तेदार श्राद्ध कर सकते हैं। इसी आधार पर धार्मिक परंपरा में यह मत मिलता है कि परिवार में पुरुष उत्तराधिकारी न होने की स्थिति में महिला भी पितृ कर्म कर सकती है।

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माता सीता का भी मिलता है उदाहरण

महिलाओं द्वारा पिंडदान किए जाने के पक्ष में माता सीता का उदाहरण भी दिया जाता है। धार्मिक परंपरा में प्रचलित कथा के अनुसार, गया में राजा दशरथ के श्राद्ध के दौरान श्रीराम और लक्ष्मण की अनुपस्थिति में सीता ने पिंडदान किया था। इसी प्रसंग को महिलाओं के पितृ कर्म करने के उदाहरण के तौर पर बताया जाता है।

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इस बात का रखें ध्यान

सभी परंपराओं और धर्मशास्त्रीय मतों में नियम एक जैसे नहीं हैं। इसलिए अगर परिवार में पुरुष उत्तराधिकारी नहीं है और महिला पिंडदान या तर्पण करना चाहती है, तो अपने कुल की परंपरा और स्थानीय पुरोहित के मार्गदर्शन के अनुसार विधि पूरी करना बेहतर माना जाता है। इससे संकल्प, गोत्र और श्राद्ध की सही विधि को लेकर भी स्पष्टता रहती है।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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