Chaturdashi Shraddha 2026: इन दिनों श्राद्ध पक्ष चल रहा है जो 10 अक्टूबर, रविवार तक रहेगा। धर्म ग्रंथों में श्राद्ध पक्ष की हर तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। जानें पितृ पक्ष में उन परिजनों का श्राद्ध कब करें जिनकी अकाल मृत्यु हुई हो?

Chaturdashi Shraddha Kab Hai: पितृ पक्ष में हर दिन अलग-अलग तिथि के अनुसार पितरों का श्राद्ध किया जाता है। सामान्य तौर पर जिस तिथि को किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई हो, उसी तिथि पर उसका श्राद्ध करने की परंपरा है। लेकिन अगर किसी परिजन की अकाल मृत्यु हुई हो जैसे एक्सीडेंट, आत्महत्या, हथियार से हमला, हिंसा या अन्य घटना में, तो उनके लिए पितृ पक्ष में विशेष तिथि बताई गई है। जानें कौन-सी है वो तिथि…

चतुर्दशी पर करें अकाल मृत्यु श्राद्ध

मान्यता के अनुसार, जिन परिजनों की मृत्यु हथियार, एक्सीडेंट, आत्महत्या, हत्या, जहर, आग, पानी में डूबने या किसी अन्य असामान्य परिस्थिति में हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि पर किया जाता है। धर्मग्रंथों में अकाल या असामयिक मृत्यु के कुछ अन्य मामलों को भी इस तिथि से जोड़ा गया है। इसे शास्त्रघात मृतक श्राद्ध भी कहा जाता है। इस बार चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध 9 अक्टूबर, शुक्रवार को किया जाएगा।

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सामान्य मृत्यु वालों का श्राद्ध कब?

जिन लोगों की मृत्यु चतुर्दशी तिथि पर सामान्य परिस्थितियों में हुई है, उनका श्राद्ध इस तिथि पर भूलकर भी न करें। उनका श्राद्ध सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर करना चाहिए। महाभारत के अनुसार सामान्य परिस्थिति में चतुर्दशी पर मृत्यु को प्राप्त परिजन का श्राद्ध यदि उसी तिथि पर किया जाए तो घर-परिवार में अशांति बनी रहती है और तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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मृत्यु की तिथि पता न हो तो क्या करें?

अगर किसी परिजन की अकाल मृत्यु हुई है और उसकी मृत्यु तिथि पता न हो तो भी चतुर्दशी तिथि पर किए गए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का फल उन्हें जरूर मिलता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में बताया गया है। अगर किसी कारण वश आप श्राद्ध करने में असमर्थ हैं तो दक्षिण दिशा की ओर हाथ जोड़कर श्रद्धा पूर्वक पितरों का स्मरण करने से भी आप पर पितरों की कृपा बनी रहेगी। समर्थ होने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति श्राद्ध नहीं करता तो पितृ उससे नाराज हो जाते हैं।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।