Sharad Purnima 2026 Kab Hai: ज्योतिष शास्त्र में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। एक साल में 12 पूर्णिमा होती है इनमें से शरद पूर्णिमा बहुत खास होती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने, चंद्रमा को अर्घ्य देने और रात में चांदनी के नीचे खीर रखने की परंपरा है।
Sharad Purnima 2026 Date: आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणें अमृत के समान मानी जाती हैं। इसी वजह से लोग इस रात खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखते हैं और प्रसाद के रूप में खाते हैं। लेकिन खीर बनाते समय कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 5 बातें…
खीर के लिए कौन-सा दूध उपयोग करें?
वैसे तो खीर भैंस या गाय किसी के भी दूध से बनाई जा सकती है लेकिन शरद पूर्णिमा पर बनाई जाने वाली खीर बहुत खास होती है। इसलिए इसके लिए गाय के दूध का उपयोग करना चाहिए। गाय के दूध को अमृत के समान माना गया है और इसलिए पूजा-पाठ आदि में इसी के दूध का उपयोग किया जाता है। इसके विपरीत भैंस का दूध धार्मिक कामों में उपयोग न करने की सलाह दी जाती है।
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खीर बनाने के लिए कैसे बर्तन का उपयोग करें?
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और भगवान को भोग लगाने से पहले शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसलिए शरद पूर्णिमा की खीर बनाने के लिए बर्तन भी ऐसे होने चाहिए जो कभी किसी तामसिक भोजन को बनाने में उपयोग न किए गए हों। नहीं तो आपकी खीर अशुद्ध हो सकती है। खीर बनाने से पहले रसोई घर की सफाई भी जरूर करें।
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खीर बनाते समय क्या करें?
शरद पूर्णिमा पर खीर सिर्फ एक पकवान नहीं, बल्कि पूजा और भोग का हिस्सा भी होती है। इसलिए खीर बनाते समय मन में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्ति भाव से तैयार किया गया भोग पूजा का खास हिस्सा होता है।
खीर का भोग लगाए बिना प्रसाद न बांटें
शरद पूर्णिमा पर खीर तैयार होने के बाद पहले भगवान को भोग लगाने की परंपरा है। इसके बाद संभव हो तो रात भर या कुछ देर के लिए चंद्रमा की रोशनी में इसे रखें। इसके बाद खीर को प्रसाद के रूप में परिवार के लोगों को दें। इसके बाद स्वयं खाएं।
इस बात का भी रखें खास ध्यान
धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने से वह विशेष मानी जाती है। इसलिए लोग इसे खुले स्थान या छत पर रखते हैं। ऐसा करते समय खीर को साफ बर्तन में रखें और ऊपर से साफ जाली या ढक्कन से ढक दें, ताकि धूल-मिट्टी और कीड़े उसमें न गिरें।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।







