
Pradosh Vrat June 2026 Shubh Muhurat: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए धर्म ग्रंथों में अनेक व्रत बताए गए हैं, प्रदोष व्रत भी इनमें से एक है। ये व्रत हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है। जून 2026 में ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 12 जून, शुक्रवार को किया जाएगा। शुक्रवार को प्रदोष व्रत होने से ये शुक्र प्रदोष कहलाएगा। आगे जानिए प्रदोष व्रत की पूजा विधि, मंत्र सहित पूरी डिटेल…
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पंचांग के अनुसार 12 जून, शुक्रवार को प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 36 मिनिट से 09 बजकर 09 मिनिट तक रहेगा। यानी भक्तों को पूजा के लिए पूरे 01 घण्टे 59 मिनट का समय मिलेगा। इस दिन सर्वार्थसिद्धि नाम का शुभ योग भी दिन भर रहेगा, जिसके चलते इस व्रत का महत्व और भी बढ़ जाएगा।
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- 12 जून, शुक्रवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें।
- ऊपर बताए गए मुहूर्त से पहले पूजन सामग्री एक स्थान पर एकत्रित कर लें।
- शिवजी का अभिषेक शुद्ध जल से, फिर गाय के दूध से और फिर शुद्ध जल से करें।
- महादेव को बिल्व पत्र, फूल, धतूरा आदि चीजें एक-एक करके अर्पित करें।
- पूजा करते समय ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप मन ही मन में करते रहें।
- भगवान शिव को अपनी इच्छा अनुसार फल, मिठाई आदि का भोग लगाएं।
- परिवार सहित भगवान शिव की आरती शुद्ध घी के दीपक से करें।
- पूजा के बाद गरीबों को दान करें और इसके बाद सात्विक भोजन करें।
- रात में ब्रह्मचर्य का पालन करें। संभव हो तो भजन कीर्तन भी कर सकते हैं।
- प्रदोष व्रत करने से जीवन में सुख-शांति और सृमद्धि बनी रहती है।
Disclaimer
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