Premanand Maharaj Videos: ‘क्या भूत- प्रेत की तरह भगवान भी शरीर में आते हैं’? सुनें प्रेमानंद महाराज का जवाब

Published : Jul 06, 2026, 04:07 PM IST
Premanand Maharaj's latest video

सार

Premanand Maharaj Viral Video: प्रेमानंद महाराज के पास आने वाले भक्त तरह-तरह के सवाल करते हैं। इनमें से कुछ सवाल बहुत ही रोचक होते हैं। प्रेमानंद बाबा उनका जवाब भी उसी तरह से देते हैं।

Premanand Maharaj's latest video: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और सत्संग के लिए रोज हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि सभी लोगों को उनसे सीधे प्रश्न पूछने का अवसर नहीं मिल पाता। जो भक्त उनसे मिलते हैं, वे जीवन, धर्म और आध्यात्म से जुड़े कई रोचक सवाल पूछते हैं। ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने भगवान और भूत-प्रेत से जुड़ा सवाल पूछा।



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वीडियो में महिला प्रेमानंद महाराज से पूछती है, "क्या भूत-प्रेत की तरह भगवान भी इंसानों के शरीर में प्रवेश करते हैं?" यह सवाल सुनकर प्रेमानंद महाराज ने बहुत सरल और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से इसका उत्तर दिया।

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प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान किसी के शरीर में बाहर से प्रवेश नहीं करते, क्योंकि वे पहले से ही प्रत्येक जीव के हृदय में विराजमान हैं। वेद और शास्त्रों में भी बताया गया है कि परमात्मा सभी प्राणियों के भीतर मौजूद हैं। भले ही हम उन्हें अपनी आंखों से न देख सकें या सामान्य रूप से महसूस न कर पाएं, लेकिन हमारे जीवन का आधार वही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जब कोई व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का भजन, नाम-स्मरण और साधना करता है, तो उसके भीतर छिपी दिव्य चेतना जागृत होने लगती है। इसी आध्यात्मिक शक्ति के प्रभाव से कई संत और महापुरुष ऐसे कार्य कर जाते हैं, जिन्हें देखकर लोगों को लगता है कि उनके भीतर स्वयं भगवान प्रकट हो गए हैं। वास्तव में यह भगवान की कृपा और भक्ति की शक्ति होती है।

भूत-प्रेत के विषय में प्रेमानंद महाराज ने बताया कि मनुष्य के अपने कर्म ही उसके सुख-दुख का मुख्य कारण होते हैं। जब व्यक्ति को अपने बुरे कर्मों का फल भोगना होता है, तब उसे भूत-प्रेत जैसी बाधाओं का अनुभव हो सकता है। जैसे ही कर्मों का हिसाब पूरा हो जाता है, ये बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं। इसलिए भय में जीने के बजाय अच्छे कर्म, भगवान का स्मरण और सत्कर्म करने पर ध्यान देना चाहिए। यही जीवन को सुखी और शांत बनाने का सबसे अच्छा मार्ग है।


 

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