
Aarti Kije Hanuman lala Ki Lyrics in Hindi: धर्म ग्रंथों में चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि इसी तिथि पर भगवान शिव ने हनुमान रूप में जन्म लिया था। हर इस इस तिथि पर हनुमान जयंती का पर्व बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 23 अप्रैल, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन हनुमान मंदिरों में महाआरती की जाती है। अगर आप घर पर हनुमानजी की आरती करना चाहते हैं तो जानिए पूरी विधि…
कैसे करें हनुमानजी की आरती? (Kaise kare Hanumanji ki Aarti)
- आरती से पहले हनुमानजी की विधि-विधान से पूजा करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। कुमकुम से तिलक करें।
- हनुमानजी को गुलाब की माला अर्पित करें। शुद्धता पूर्वक घर में ही बने प्रसाद का भोग हनुमानजी को लगाएं।
- इसके बाद 11 या 21 दीपकों से हनुमानजी की आरती करें। इससे आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है।
- सबसे पहले 4 बार हनुमानजी के चरणों से, 2 बार नाभि से, 1 बार मुख पर से और 7 बार पूरे शरीर से आरती उतारें।
ये है हनुमानजी की आरती (Hanuman Aarti Lyrics in Hindi)
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
जाके बल से गिरवर काँपे। रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥
दे वीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाये ॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की॥
लंका जारि असुर संहारे। सियाराम जी के काज सँवारे ॥
लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे। लाये संजिवन प्राण उबारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥
पैठि पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखारे ॥
बाईं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥
सुर-नर-मुनि जन आरती उतरें। जय जय जय हनुमान उचारें ॥
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥
जो हनुमानजी की आरती गावे। बसहिं बैकुंठ परम पद पावे ॥
लंक विध्वंस किये रघुराई। तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
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