
Why fish is Eaten Before Jitiya: जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है, एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्रत है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए रखती हैं। इस व्रत से कई सांस्कृतिक परंपराएं जुड़ी हैं, जिनमें से एक है जितिया से एक दिन पहले मछली खाने की परंपरा। लेकिन अब सवाल यह है कि जितिया से एक दिन पहले मछली क्यों खाई जाती है? इसका जवाब आपको यहां मिलेगा। साथ ही, यहां बताया गया है कि शाकाहारी महिलाएं क्या खाती हैं।
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अष्टमी तिथि की रात, यानी व्रत शुरू होने से एक दिन पहले, रात का भोजन माछ-भात (मछली-चावल) होता है। इसके बाद, अगली सुबह से माताएँ निर्जल व्रत रखती हैं और अगले दिन व्रत तोड़ती हैं।
शाकाहारी महिलाओं के लिए कर्मी का साग और नोनी का साग मछली के समान माना जाता है। ऐसे में मछली की जगह नोनी का साग खाया जाता है।
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