
Shivji Ke Mantra: धर्म ग्रंथों के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर महेश नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन की गई शिव पूजा का फल कई गुना होकर मिलता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है। इस दिन यदि शिवजी को कुछ मंत्रों का जाप विधि-विधान से कर लिया जाए तो परेशानियों से बचा जा सकता है। इन मंत्रों का जाप कोई भी कर सकता है। आगे जानिए शिवजी के 5 मंत्रों और इनकी जाप विधि से बारे में…
मंत्र-1
ॐ नमः शिवाय
मंत्र-2
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
मंत्र-3
ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
मंत्र-4
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
मंत्र-5
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
इस विधि से करें इन मंत्रों का जाप
- महेश नवमी (15 जून, शनिवार) पर पूरे दिन में से आप किसी भी समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं। वैसे मंत्र जाप के लिए ब्रह्म मुहूर्त और रात्रि के मध्य काल का समय सबसे अधिक महत्पूर्ण माना गया है।
- मंत्र जाप शुरू करने से पहले हाथ में जल, चावल और फूल लेकर मंत्र जाप का संकल्प लें। जितने मंत्रों का जाप आप करना चाहते हैं, उसी के अनुसार संकल्प लेना चाहिए। यही नियम है।
- अब घर में किसी साफ स्थान पर शिवजी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें हार-फूल, बिल्व पत्र आदि चीजें चढ़ाएं। दीपक लगाएं, ये दीपक मंत्र जाप के दौरान निरंतर जलते रहना चाहिए।
- शिवजी से संबंधित मंत्रों के जाप के लिए रुद्राक्ष की माला सबसे उत्तम होती है। कुशा के आसन पर बैठकर मंत्र जाप करें तो बेहतर रहेगा। मंत्र जाप के दौरान सिर्फ शिवजी का ध्यान करें।
- मंत्र जाप के बाद शिवजी की आरती करें और एक बार फिर से अपनी मनोकामना शिवजी के सामने बोलें। इस तरह मंत्र जाप करने से आपकी सोई किस्मत भी जाग सकती है।
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