Purnima Vrat January 2026: साल 2026 के पहले महीने में पौष पूर्णिमा का संयोग बन रहा है। ये तिथि 2 दिन रहेगी जिसके चलते लोगों के मन में ये कन्फ्यूजन है कि पौष पूर्णिमा का व्रत कब करें, 2 या 3 जनवरी? जानें क्या है पौष पूर्णिमा की सही डेट।
Purnima Vrat January 2026 Date: पंचांग के अनुसार हर महीने में दो पक्ष होते हैं शुक्ल व कृष्ण। शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में दिखाई देता है। इस तिथि महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में भी बताया गया है। इस तिथि पर लोग व्रत भी करते हैं। साल 2026 के पहले सप्ताह में पौष मास की पूर्णिमा तिथि का संयोग बन रहा है। ये तिथि 2 दिन होने से लोगों के मन में संशय है कि ये व्रत कब करें, 2 या 3 जनवरी? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए क्या है पौष पूर्णिमा व्रत की सही डेट…
पंचांग के अनुसार, पौष मास की पूर्णिमा तिथि 02 जनवरी, शुक्रवार की शाम को 06 बजकर 53 मिनिट से शुरू होगी जो अगले दिन यानी 03 जनवरी, शनिवार की दोपहर 03 बजकर 32 मिनिट तक रहेगी। इस तरह पौष मास की पूर्णिमा तिथि का संयोग 2 व 3 जनवरी दोनों दिन बन रहा है।
ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, पौष मास की पूर्णिमा तिथि का सूर्योदय 3 जनवरी, शनिवार को होगा, इसलिए इसी दिन ये व्रत करना श्रेष्ठ रहेगा। इसी दिन से माघ मास का स्नान भी शुरू होगा। भगवान सत्यनारायण की पूजा के लिए भी ये दिन सही है। 3 जनवरी की सुबह पवित्र नदी में स्नान करके जरूरतमंदों को दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन व्रत करने वालों के घर में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है, ऐसा धर्म ग्रंथों में बताया गया है।
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किसकी पूजा करें पौष पूर्णिमा पर?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा तिथि के स्वामी स्वयं चंद्रदेव हैं। इसलिए इस तिथि पर चंद्रमा की पूजा करना बहुत श्रेष्ठ रहता है। जिन लोगों की जन्म कुंडली में चंद्रमा कमजोर या अशुभ हो, उन्हें पूर्णिमा तिथि पर जरूर व्रत करना चाहिए और चंद्रमा से संबंधित उपाय भी करने चाहिए। ऐसा करने से इनका चंद्रमा मजबूत होकर इन्हें शुभ फल दे सकता है। पूर्णिमा तिथि पर भगवान सत्यनारायण की पूजा करने का भी विशेष महत्व है।
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पूर्णिमा पर कौन-से उपाय करें?
1. चंद्रोदय होने पर चंद्रमा की पूजा करें। दूध से अर्घ्य दें। 2. चंद्रमा के मंत्रों का जाप करें। इससे भी लाभ होगा। 3. चंद्रमा से संबंधित चीजों जैसे दूध, दही, सफेद वस्त्र आदि का दान करें। 4. कन्याओं को घर बुलाकर भोजन करवाएं। 5. भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाएं।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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