Somvati Amavasya 2023: कब है साल 2023 की पहली सोमवती अमावस्या? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त व अन्य बातें

Published : Jan 31, 2023, 11:38 AM IST
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सार

Somvati Amavasya 2023: धर्म ग्रंथों के अनुसार, जिस सोमवार को अमावस्या का संयोग बनता है, उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। इस बार साल 2023 की पहली सोमवती अमावस्या का संयोग फरवरी में बन रहा है। कई शुभ योग भी इस दिन बनेंगे। 

उज्जैन. हिंदू धर्म में अमावस्या को बहुत ही खास तिथि माना गया है। इसके स्वामी स्वयं पितृ देव है। ये तिथि अगर सोमवार को पड़ जाए तो उसे सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2023) कहते हैं। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से और जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व है। साल में 2-3 बार ही सोमवती अमावस्या का संयोग बनता है, इसलिए इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। इस शुभ योग में कुछ तीर्थ स्थानों पर मेलों का आयोजन भी किया जाता है। जानें साल 2023 में पहली बार कब बन रहा है सोमवती अमावस्या का संयोग?


फरवरी 2023 में पहली सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya February 2023 Date)
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, साल 2023 की पहली सोमवती अमावस्या का संयोग 20 फरवरी को बन रहा है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 19 फरवरी, रविवार की शाम 04:18 से 20 फरवरी, सोमवार की दोपहर 12:35 तक रहेगा। चूंकि अमावस्या तिथि का सूर्योदय 20 फरवरी को होगा, इसलिए इस दिन सोमवती अमावस्या का शुभ योग संयोग बनेगा।


कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे इस दिन? (Somvati Amavasya February 2023 Shubh Yog)
पंचांग के अनुसार, 20 फरवरी, सोमवार को धनिष्ठा नक्षत्र सुबह 11.46 तक रहेगा, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। सोमवार को पहले धनिष्ठा नक्षत्र होने से शुभ और इसके बाद शतभिषा नक्षत्र होने से अमृत नाम के 2 शुभ योग बनेंगे। इनके अलावा परिघ और शिव नाम के 2 अन्य शुभ योग भी इस दिन रहेंगे। 4 शुभ योग एक साथ होने से सोमवती अमावस्या का महत्व और भी बढ़ गया है।


इस दिन जरूर करें ये 5 काम
1. सोमवती अमावस्या पर कुछ काम विशेष रूप से करना चाहिए जैसे किसी पवित्र नदी में स्नान। ऐसा न कर पाएं तो किसी पवित्र नदी का थोड़ा सा जल पानी में डालकर घर पर भी स्नान कर सकते हैं।
2. मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर दान करने से उसका फल कई गुना होकर प्राप्त होता है। इसलिए इस दिन जरूरतमंद लोगों को अनाज, भोजन, कपड़ें आदि चीजों का दान करना चाहिए।
3. अमावस्या पितरों की तिथि है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध व पिंडदान आदि जरूर करने चाहिए।
4. अमावस्या पर सुबह उठकर सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से सभी ग्रहों के दोष दूर होते हैं।
5. अमावस्या पर गाय का हरा चारा खिलाएं, मछलियों के लिए नदी या तालाब में आटे की गोलियां बनाकर डालें। इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।


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