
December 2024 Mai Kab Hai Somvati Amavasya: ज्योतिष शास्त्र और धर्म ग्रंथों में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इस तिथि के देवता पितृ हैं। जब भी किसी अमावस्या पर सोमवार को संयोग बनता है तो इसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। इस बार दिसंबर 2024 में सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। आगे जानिए कब है सोमवती अमावस्या, इसकी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त…
पौष मास की अमावस्या तिथि 30 दिसंबर, सोमवार की सुबह 04:01 से शुरू होगी, जो 31 दिसंबर की सुबह 03:56 तक रहेगी। चूंकि अमावस्या तिथि का सूर्योदय 30 दिसंबर को होगा, इसलिए इसी दिन अमावस्या का महत्व रहेगा। ये तिथि सोमवार को होने से ये सोमवती अमावस्या कहलाएगी।
- सुबह 09:50 से 11:10 तक
- दोपहर 12:08 से 12:50 तक
- शाम 04:27 से 05:47 तक
- शाम 05:47 से 07:27 तक
- 30 दिसंबर, सोमवार की सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। ऐसा करना संभव न हो तो घर पर भी स्नान कर सकते हैं। इसके बाद हाथ में जल-चावल और फूल लेकर व्रत-पूजा का संकल्प लें।
- ऊपर बताए गए किसी मुहूर्त में पूजा शुरू करें। ये पूजा आप किसी शिव मंदिर में या घर पर ही शिवजी की तस्वीर रखकर कर सकते हैं। पूजा में शुद्ध घी का दीपक जलाएं। महादेव को फूलों की माला पहनाएं।
- महादेव को चंदन से तिलक करें और बिल्वपत्र भांग, धतूरा, सफेद फूल और फल आदि चीजें एक-एक करके अर्पित करें। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। भोग लगाएं और आरती भी करें।
- अगर आप व्रत करना चाहते हैं तो शाम को एक समय फलाहार कर सकते हैं। अगले दिन व्रत का पारणा करें। व्रत के दौरान किसी के बारे में बुरा न सोचें और तन-मन से ब्रह्मचर्य का पालन भी करें।
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