
Kab Hai Maghi Purnima 2025: अंग्रेजी कैलेंडर की तरह हिंदू पंचांग में भी 12 महीने होते हैं। हिंदू पंचांग के 11वें महीने का नाम है माघ। इस महीने की अंतिम तिथि यानी पूर्णिमा बहुत ही खास होती है। इसे माघी पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान के साथ भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। आगे जानिए इस बार कब है माघी पूर्णिमा, इसके शुभ मुहूर्त, पूजा विधि आदि…
रहस्यमयी होती है साधुओं की धुनि, इसे जलाने का तरीका भी खास
पंचांग के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा तिथि 11 फरवरी, मंगलवार की शाम 06 बजकर 55 मिनिट से 12 फरवरी, बुधवार की शाम 07 बजकर 23 मिनिट तक रहेगी। चूंकि पूर्णिमा तिथि का सूर्योदय 12 फरवरी को होगा, इसलिए इस तिथि से संबंधित सभी कार्य जैसे स्नान-दान, पूजा आदि इसी दिन किए जाएंगे। इस दिन सौभाग्य और शोभन नाम के शुभ योग भी रहेंगे।
- सुबह 07:05 से 08:29 तक
- सुबह 08:29 से 09:53 तक
- सुबह 11:17 से दोपहर 12:41 तक
- दोपहर 03:29 से शाम 04:53 तक
- शाम 04:53 से 06:17 तक
- शाम 07:53 से रात 09:28 तक
- 12 फरवरी, बुधवार की सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। ऐसा न कर पाएं तो घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। शुभ मुहूर्त में घर में किसी साफ स्थान पर भगवान की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- भगवान के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। फूल माला पहनाएं। तिलक लगाएं। इसके बाद एक-एक करके अबीर, गुलाल, रोली आदि चीजें चढ़ाते रहें। पूजा के
बाद भगवान को अपनी इच्छा अनुसार भोग लगाएं और आरती करें।
- आरती के बाद गरीबों को भोजन, कपड़े, तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, जूते, फल, अन्न आदि चीजों का दान करें। इस दिन व्रत रखें, अन्न ग्रहण न करें। यदि ऐसा न कर पाएं तो एक समय फलाहार कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें-
इन 3 कामों में जल्दबाजी करना मूर्ख की निशानी, समझदार लोग नहीं करते ये गलती
साधु-संतों की शान होते हैं तिलक, इनके नाम सुन आप भी कहेंगे ‘हे राम’ !
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
पूजा व्रत कथा: Read everthing about Puja Vrat Katha, Puja Vrat Muhurat, tyohar and puja vidhi for Hindu festivals at Asianet news hindi