
Raksha Bandhan Rituals: रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं वहीं भाई अपनी बहन को उम्र भर रक्षा करने का वचन देता है। राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आरती करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। आगे जानिए बहनें कैसे उतारें भाई की आरती…
शुभ मुहूर्त में भाई को आसन पर बैठाकर रक्षा सूत्र बांधे। इसके बाद भाभी और भतीजे-भतीजियों को अपनी परंपरा के अनुसार रक्षा सूत्र बांधें। भाई को अपनी इच्छा के अनुसार कपड़े, रूमाल, नारियल या कोई अन्य उपहार दें और मिठाई खिलाएं।
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इसके बाद भाई के परिवार के सभी सदस्यों को एक ही जगह पर बैठाएं। शुद्ध घी का दीपक जलाकर उसे रक्षा बंधन की थाली में रखें। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों की आरती करें।
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आरती पूरी होने के बाद एक लोटे में जल लें। परंपरा के अनुसार इस जल को भाई और उसके परिवार के दाईं और बाईं ओर थोड़ा-थोड़ा डालें। इसके बाद भाई को प्रणाम करके रक्षा बंधन की रस्म पूरी करें।
हिंदू धर्म में आरती को शुभ माना जाता है। खास मौकों पर आरती करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। रक्षा बंधन पर भी बहन अपने भाई की आरती उतारती है। धार्मिक मान्यता है कि आरती करने से भाई के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और नकारात्मक प्रभाव से उसकी रक्षा होती है। साथ ही, भाई के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की जाती है।
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