
Rudrabhishek Muhurat 3 August 2026: इस बार भगवान शिव का प्रिय सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में शिव पूजा की विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस महीने के सोमवार को रुद्राभिषेक किया जाए तो भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। इस बार सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन कईं शुभ योग भी बन रहे हैं जिसके चलते इस सोमवार का महत्व और भी अधिक रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए 3 अगस्त को रुद्राभिषेक के लिए शुभ मुहूर्त कब-कब हैं…
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परंपरा के अनुसार भगवान शिव का रुद्राभिषेक सुबह करना सबसे शुभ माना जाता है। ये काम यदि ब्रह्म मुहूर्त में किया जाए तो और भी शुभ रहता है। अगर सुबह किसी कारणवश रुद्राभिषेक न कर पाएं तो अभिजीत मुहूर्त और प्रदोष काल में भी कर सकते हैं। ये तीनों समय शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम माने गए हैं।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:19 बजे से 05:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 06:26 बजे से 07:56 बजे तक
इन तीनों में से किसी भी समय आप रुद्राभिषेक कर सकते हैं।
रुद्र का अर्थ है महादेव और अभिषेक यानी जल से स्नान करवाना। रुद्राष्टाध्यायी के 8 अध्यायों में कुल 176 मंत्र हैं, इन्हीं मंत्रों को बोलते हुए जब शिवलिंग का जल या अन्य विशेष द्रव्यों जैसे दूध आदि से अभिषेक किया जाता है तो इसे रुद्राभिषेक कहते हैं। शिवपुराण में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है। विधि-विधान से रुद्राभिषेक करने से महादेव हर इच्छा पूरी करते हैं।
1. शिवपुराण के अनुसार गन्ने के रस से यदि रुद्राभिषेक किया जाए तो धन लाभ के योग बनते हैं।
2. मानसिक शांति के लिए शुद्ध जल से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना चाहिए।
3. गुड लक के लिए शिवलिंग का रुद्राभिषेक गंगाजल से करें।
4. संतान प्राप्ति के लिए गाय के घी से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।
5. शिवपुराण की मानें तो गाय के दूध से रुद्राभिषेक करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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