Sawan Shivratri 2026 Date: सावन शिवरात्रि कब है, 11 या 12 अगस्त? जानें सही डेट, मुहूर्त और महत्व

Published : Aug 01, 2026, 02:57 PM IST

Sawan Shivratri 2026: सावन में आने वाली शिवरात्रि बहुत ही खास होती है। इस दिन की गई शिव पूजा का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस बार सावन शिवरात्रि अगस्त 2026 में है।

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जानें सावन शिवरात्रि का महत्व

Sawan Shivratri Kab Hai: भगवान शिव का प्रिय सावन मास इस बार 30 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में अनेक व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, मासिक शिवरात्रि भी इनमें से एक है। इस व्रत को शिव चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो मासिक शिवरात्रि का व्रत हर महीने किया जाता है लेकिन सावन में आने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। आगे जानिए इस बार सावन शिवरात्रि का व्रत कब किया जाएगा…

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कब है सावन शिवरात्रि 2026?

धर्म ग्रंथों के अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त, मंगलवार की सुबह 04 बजकर 54 मिनिट से शुरू होगी, जो रात 01 बजकर 53 मिनिट तक रहेगी। चूंकि चतुर्दशी तिथि का सूर्योदय 11 अगस्त को होगा, इसलिए इसी दिन सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा।


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सावन शिवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त

सावन शिवरात्रि में रात के चारों प्रहर शिवजी की पूजा की जाती है। अगर ऐसा न कर पाएं तो अर्धरात्रि यानी निशिता काल में एक समय पूजा करने से भी इस व्रत का पूरा फल प्राप्त किया जा सकता है। ये हैं निशिता काल और रात के चारों प्रहर की पूजा के शुभ मुहूर्त-
निशिता काल पूजा समय- रात 12:05 से से 12:48 तक
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय- शाम 07:04 से रात 09:45 तक
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय- रात 09:45 से 12:26 तक
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय- रात 12:26 से 03:07 तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – रात 03:07 से 12 अगस्त की सुबह 05:49 तक

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हर महीने क्यों करते हैं शिवरात्रि व्रत?

धर्म ग्रंथों के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव पहली बार ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। इसलिए इस तिथि पर हर साल महाशिवरात्रि का पर्व मनाते हैं। इस तिथि के महत्व को समझाने के लिए हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि व्रत करने का नियम है। इस तरह एक साल में 1 बार महाशिवरात्रि और 11 बार शिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा है।


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