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Sawan Puja Vidhi: सावन में कैसे करें महादेव की पूजा? जानें स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि, मंत्र, उपाय सहित पूरी डिटेल
Sawan Shiv Mantra: हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना सावन भगवान शिव को अति प्रिय है। इस महीने में की गई शिव पूजा और मंत्र जाप आदि का विशेष फल मिलता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है।

सावन में कैसे पाएं महादेव की कृपा?
Sawan Ke Upay: भगवान शिव की भक्ति का महीना सावन इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। ये पूरा महीना शिव पूजा के लिए बहुत ही खास माना गया है। इस महीने में लोग तरह-तरह के महादेव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। सावन में रोज यदि शिवजी की पूजा विधि-विधान से की जाए तो हर तरह की परेशानी दूर हो सकती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आगे जानिए सावन में कैसे करें शिवजी की पूजा, मंत्र, उपाय आदि की पूरी डिटेल…

सावन में कैसे करें शिवजी की पूजा?
- सावन मास में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर घर में ही या पास के किसी मंदिर में शिवजी की पूजा करें।
- शिवलिंग के सामने आसन पर बैठकर सबसे पहले शुद्ध जल से अभिषेक करें। इसके बाद गाय के दूध से और एक बार फिर से शुद्ध जल से अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर चंदन से तिलक लगाएं और फूलों की माला पहनाएं। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। धतूरा, बिल्व पत्र आदि चीजें एक-एक करके महादेव को चढ़ाएं।
- पूजा के दौरान मन ही मन में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। महादेव को फल, मिठाई, नारियल आदि चीजों का भोग लगाएं और आरती भी करें।
- संभव हो तो शिव चालीसा या शिव स्तुति आदि का पाठ भी कर सकते हैं। इस तरह सावन में शिव पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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शिवजी की आरती लिरिक्स हिंदी में (Shivji Ki Aarti Lyrics in Hindi)
ओम जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखत, त्रिभुवन जन मोहे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी, कर माला धारी॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक, भूतादिक संगे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डलु, चक्र त्रिशूलधारी।
जगकर्ता जगभर्ता, जगसंहारकर्ता॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये, ये तीनों एका॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठि दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरती, जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
ओम जय शिव ओंकारा॥
स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥
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सावन में शिवजी के किन मंत्रों का जाप करें?
सावन में शिवजी के मंत्रों का जाप करना भी बहुत शुभ माना गया है। इस उपाय से आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है। ये हैं शिवजी के 5 अचूक मंत्र-
1. ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
2. ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
3. ऊं नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा
4. मृत्युञ्जयाय रुद्राय नीलकन्ताय शंभवे
अमृतेषाय सर्वाय महादेवाय ते नमः
5. ऊं नमः शिवाय:
सावन में कौन-से उपाय करें?
1. शिवपुराण के अनुसार, शिवलिंग पर चावल चढ़ाने से धन लाभ होता है। ये उपाय यदि सावन में किया जाए तो और भी अधिक फल देता है।
2. गाय के घी से शिवलिंग का अभिषेक किया जाए तो शारीरिक कमजोरी दूर होती है।
3. शनि ग्रह से संबंधित दोष दूर करने के लिए शिवजी को तिल चढ़ाना चाहिए।
4. सावन में गाय को हरा चारा खिलाने से भी महादेव प्रसन्न होते हैं।
5. सावन मास में बिल्व वृक्ष पर जल चढ़ाने और शुद्ध घी का दीपक जलाने से महादेव का आशीर्वाद मिलता है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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