MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
Add Preferred SourceGoogle-icon
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • GK
  • फोटो गैलरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • वीडियो
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • Home
  • Religion
  • Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में 16 दिन ही क्यों? जानें पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या तक का रहस्य

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में 16 दिन ही क्यों? जानें पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या तक का रहस्य

Pitru Paksha Significance: इस बार श्राद्ध पक्ष की शुरूआत 26 सितंबर से हो चुकी है जो 10 अक्टूबर तक रहेगा। श्राद्ध पक्ष से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपराएं हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं। श्राद्ध पक्ष का महत्व धर्म ग्रंथों में भी बताया गया है।

4 Min read
Author : Manish Meharele
Published : Sep 27 2026, 08:29 AM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
19
जानें श्राद्ध पक्ष से जुड़ी खास बातें...
Image Credit : Getty

जानें श्राद्ध पक्ष से जुड़ी खास बातें...

Shraddha Paksha 2026: हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व माना गया है। ये 16 दिनों के होते हैं। इन 16 दिनों में पितरों की शांति के लिए तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं। पितरों को समर्पित होने के कारण इन 16 दिनों को पितृ पक्ष भी कहते हैं। पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान की परंपरा निभाई जाती है। इसे आम बोलचाल में 16 श्राद्ध भी कहा जाता है। आखिर पितृ पक्ष की गिनती 16 श्राद्ध के रूप में क्यों होती है? आगे जानिए इस सवाल का जवाब…

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
29
पितृ पक्ष को 16 श्राद्ध क्यों कहते हैं?
Image Credit : Getty

पितृ पक्ष को 16 श्राद्ध क्यों कहते हैं?

पितृ पक्ष की तिथियों के कारण इसे 16 श्राद्ध के नाम से जाना जाता है। पितृ पक्ष को पूर्वजों के लिए विशेष माना गया है। सामान्य रूप से यह भाद्रपद पूर्णिमा के बाद आने वाले कृष्ण पक्ष से जुड़ा होता है और अमावस्या तक चलता है। कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या तक कुल 15 तिथियां होती हैं। पूर्णिमा के श्राद्ध को भी शामिल करने पर इसे 16 श्राद्ध कहा जाता है।

39
पूर्णिमा श्राद्ध भी क्यों गिना जाता है?
Image Credit : AI Image

पूर्णिमा श्राद्ध भी क्यों गिना जाता है?

पूर्णिमा तिथि से जुड़े श्राद्ध को भी पितृ पक्ष की परंपरा में विशेष स्थान दिया गया है। पितृ पक्ष की शुरुआत पूर्णिमा श्राद्ध से मानी जाने की परंपरा कई पंचांगों में मिलती है। जिन लोगों के परिवार में किसी पूर्वज की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई हो, उनके लिए पूर्णिमा श्राद्ध किया जाता है। इसके बाद कृष्ण पक्ष की तिथियों पर अलग-अलग पूर्वजों के लिए श्राद्ध करने की परंपरा है।


ये भी पढ़ें-
Pitra Paksha 2026: पूर्वज की मृत्यु तारीख भूल गए हैं तो कब करें श्राद्ध? पितृ पक्ष की यह तिथि है सबसे खास

49
हर तिथि का अपना महत्व
Image Credit : Meta AI

हर तिथि का अपना महत्व

पितृ पक्ष की हर तिथि को पूर्वजों के श्राद्ध से जोड़ा गया है। पितृ पक्ष की अलग-अलग तिथियां अलग-अलग पूर्वजों के श्राद्ध के लिए निर्धारित मानी जाती हैं। जिस पूर्वज की मृत्यु जिस तिथि को हुई हो, सामान्य रूप से उसी तिथि पर उनका श्राद्ध किया जाता है। इसलिए पितृ पक्ष की तिथियों को विशेष महत्व दिया जाता है।

ये भी पढ़ें-
Pitru Paksha 2026: श्राद्ध-तर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं ये 10 तीर्थ, यहां पिंडदान से पितरों को मिलता है मोक्ष

59
प्रतिपदा से अमावस्या तक श्राद्ध
Image Credit : chatgpt

प्रतिपदा से अमावस्या तक श्राद्ध

कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक श्राद्ध की परंपरा चलती है। पितृ पक्ष में कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक श्राद्ध किया जाता है। परिवार अपने पूर्वज की मृत्यु तिथि के अनुसार संबंधित तिथि चुनता है। इस दौरान तर्पण, पिंडदान, भोजन और दान जैसी धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं।

69
सभी पूर्वजों के लिए कौन-सा दिन?
Image Credit : Getty

सभी पूर्वजों के लिए कौन-सा दिन?

मृत्यु तिथि याद न हो तो सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। अगर किसी पूर्वज की मृत्यु की सही तिथि मालूम न हो या किसी कारण से उस तिथि पर श्राद्ध न हो पाया हो, तो सर्वपितृ अमावस्या का महत्व बताया गया है। इस दिन उन पितरों का भी श्राद्ध किया जा सकता है जिनकी निश्चित तिथि ज्ञात नहीं है।

79
16 श्राद्ध का धार्मिक भाव
Image Credit : pinterest

16 श्राद्ध का धार्मिक भाव

16 श्राद्ध सिर्फ गिनती नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का समय माना जाता है। पितृ पक्ष में श्राद्ध का सबसे बड़ा भाव पूर्वजों का स्मरण और उनके प्रति सम्मान माना गया है। परिवार अपनी परंपरा के अनुसार तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन और दान करता है।

89
तिथियां कम-ज्यादा क्यों होती हैं?
Image Credit : Getty

तिथियां कम-ज्यादा क्यों होती हैं?

पंचांग में तिथि के घटने या बढ़ने से श्राद्ध की तारीखें हर साल एक जैसी नहीं होतीं। हिंदू पंचांग में तिथियां सूर्योदय से सूर्यास्त की सामान्य गणना के बजाय चंद्रमा की गति से निर्धारित होती हैं। इसलिए कभी कोई तिथि एक दिन में पूरी हो सकती है और कभी एक तिथि दो सूर्योदय तक रह सकती है। इसी वजह से अलग-अलग वर्षों में पितृ पक्ष की तारीखों में अंतर दिखाई दे सकता है।

99
16 श्राद्ध का सार क्या है?
Image Credit : Getty

16 श्राद्ध का सार क्या है?

पितृ पक्ष का अंतिम प्रमुख दिन सर्वपितृ अमावस्या माना जाता है। पितृ पक्ष को 16 श्राद्ध कहने के पीछे पूर्णिमा श्राद्ध और कृष्ण पक्ष की 15 तिथियों की धार्मिक परंपरा जुड़ी है। इस दौरान पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध किया जाता है। अंत में सर्वपितृ अमावस्या आती है, जिसे सभी पितरों के स्मरण और श्राद्ध के लिए विशेष माना जाता है।



Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

About the Author

MM
Manish Meharele
मनीष मेहरेले। मीडिया में 19 साल का अनुभव, अभी एशियानेट न्यूज हिंदी के डिजिटल में काम कर रहे हैं। महाभारत, रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों का अच्छा ज्ञान है। ज्योतिष-हस्तरेखा, उपाय, वास्तु, कुंडली जैसे टॉपिक पर पकड़ है। यह जीव विज्ञान में बीएससी स्नातक हैं । करियर की शुरुआत स्थानीय अखबार दैनिक अवंतिका से की। 2010 से 2019 तक दैनिक भास्कर डॉट कॉम में धर्म डेस्क पर काम किया है।
पितृ पक्ष
 

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
Pitra Paksha 2026: पूर्वज की मृत्यु तारीख भूल गए हैं तो कब करें श्राद्ध? पितृ पक्ष की यह तिथि है सबसे खास
Recommended image2
Dussehra 2026 Date: 20 या 21 अक्टूबर, क्या है विजयादशमी की सही डेट?
Recommended image3
Pitru Paksha 2026: श्राद्ध-तर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं ये 10 तीर्थ, यहां पिंडदान से पितरों को मिलता है मोक्ष
Recommended image4
Pitru Paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में किन 10 चीजों के दान से मिलेगी सुख-समृद्धि? नोट करें लिस्ट
Recommended image5
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में नहीं मिल रहे ब्राह्मण? घर पर ऐसे करें श्राद्ध-तर्पण, जानें आसान तरीका
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved