
Today Sehri Iftar Time Bhopal: रमजान 2026 का मुबारक महीना शुरू हो चुका है और पूरे देश में मुस्लिम समुदाय इबादत और रोजे में मशगूल है। इस्लाम में रमजान को सबसे पवित्र और बरकतों वाला महीना माना जाता है। यह महीना सिर्फ भूखे-प्यासे रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, सब्र, इंसानियत और अल्लाह की इबादत का महीना है। रोजा इंसान को अपने नफ्स पर काबू रखना सिखाता है और साथ ही जरूरतमंदों की तकलीफ को महसूस करने का मौका देता है। रमजान के दौरान रोजेदार सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक कुछ भी खाते-पीते नहीं हैं। वे फज्र की नमाज से पहले सहरी करते हैं और सूर्यास्त के बाद मगरीब की अजान के साथ रोजा खोलते हैं। ऐसे में हर शहर के लिए Sehri Iftar Timing जानना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहते हैं, तो जानिए Sehri Iftar Timing Bhopal Ramadan 2026 की पूरी डिटेल।
रमजान 2026 कैलेंडर के अनुसार सुन्नी समुदाय के लिए भोपाल में शनिवार, 21 फरवरी 2026 को रमजान के तीसरे रोजे का सहरी सुबह 05.31 बजे और इफ्तार शाम 06:20 बजे होगा। जैसे ही सूरज डूबेगा और मगरीब की अजान होगी, रोजेदार खजूर और पानी के साथ अपना रोजा खोलेंगे।
सुन्नी समुदाय के लिए, रविवार, 22 फरवरी 2026 को भोपाल में सहरी का समय सुबह 05:31 बजे है। वहीं इफ्तार का समय शाम 06.21 बजे है। रोजेदारों को चाहिए कि वे इस समय से पहले अपना सहरी का खाना खत्म कर लें, क्योंकि इसके बाद रोजा शुरू हो जाएगा।
ध्यान रखें शिया (जाफरिया): सहरी का समय -10 मिनट और इफ्तार का समय +10 मिनट है।
रमजान में हर रोजे की शुरुआत सहरी से होती है। सहरी सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि पूरे दिन की ताकत और ऊर्जा का जरिया है। इसे खाने के बाद रोजेदार दिनभर नमाज, कुरआन की तिलावत और नेक कामों में लगे रहते हैं। वहीं, इफ्तार पूरे दिन के रोजे का समापन होता है। परंपरा के अनुसार खजूर और पानी से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है। यह सादगी, संतुलन और शुक्रगुजारी का प्रतीक है।
रमजान में सहरी और इफ्तार का सही समय जानना बहुत अहम होता है। हर शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग-अलग होता है, इसलिए हर दिन का समय भी अलग होता है, ऐसे में ये जानकारी रोजेदारों के लिए बेहद काम की होती है। अगर आप भोपाल में हैं, तो रोजाना का अपडेटेड सहरी और इफ्तार टाइम जरूर चेक करें, ताकि आपका रोजा सही समय पर शुरू और पूरा हो सके। रमजान का यह महीना सब्र, इबादत और रहमतों का है, इसे पूरी शिद्दत और सच्चे दिल से निभाएं।
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