Mahashivratri 2026 Date: धर्म ग्रंथों के अनुसार महाशिवरात्रि पर्व पर ही महादेव ने सबसे पहले ज्योतिर्लिंग स्वरूप में दर्शन दिए थे। इसलिए इस दिन पूरे देश के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
shivratri Kis Tarikh Ko Hai: हिंदू धर्म में एकमात्र भगवान शिव ही हैं जिनकी पूजा ज्योतिर्लिंग स्वरूप में की जाती है। शिव पुराण के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि पर ही पहली बार महादेव ने ज्योतिर्लिंग अवतार लिया था। इसलिए हर तिथि पर हर साल महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को है। धर्म ग्रंथों में शिवलिंग की पूजा से जुड़े अनेक नियम बताए गए हैं जैसे घर में कितना बड़ा शिवलिंग रखना चाहिए। शिवलिंग खंडित हो जाए तो क्या करें? महाशिवरात्रि पर जानें शिवलिंग से जुड़े इन सवालों के जवाब…
विद्वानों की मानें तो घर में एक से अधिक शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। इसके पीछे एक खास वजह है वो ये है कि शिवलिंग से लगातार एक तरह की एनर्जी निकलती रहती है। जब दो शिवलिंग एक-दूसरे के नजदीक रखे जाते हैं तो इन दोनों की उर्जाएं आपस में टकरातीं हैं। ये स्थिति ठीक नहीं मानी जाती, इसलिए घर में 1 से ज्यादा शिवलिंग नहीं रखना चाहिए।
शिवपुराण के अनुसार, घर में जिस शिवलिंग की आप पूजा करते हैं, उसका आकार अंगूठे से बराबर होना चाहिए, इससे अधिक बड़ा शिवलिंग घर में स्थापित करने की मनाही है। इस शिवलिंग को अंगूष्ठ मात्र आकार का शिवलिंग कहते हैं। अन्य धर्म ग्रंथों में भी यही बात लिखी है।
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अगर शिवलिंग खंडित हो जाए तो क्या करें?
कुछ लोगों का ये भी सवाल होता है कि अगर घर में रखा शिवलिंग खंडित हो जाए यानी थोड़ा टूट-फूट जाए तो उसका क्या करें? विद्वानों का मत है कि ऐसा होने से उस शिवलिंग को घर में रखते हुए नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। खंडित शिवलिंग की पूजा करना शास्त्रों में मना है।
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घर में किस स्थान पर रखें शिवलिंग?
विद्ववानों का मत है कि घर में शिवलिंग को किसी कोने में नहीं रखना चाहिए बल्कि ऐसी जगह रखना चाहिए जहां थोड़ा खुलापन हो। ऐसा करने से शिवलिंग से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पूरे घर में समान रूप से होगा। घर में रहने वाले लोगों को भी इसका फायदा होगा।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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