Shivratri Vrat 2026: पितृ पक्ष में कब करें शिवरात्रि व्रत, 8 या 9 अक्टूबर? जानें पूजा के मुहूर्त, विधि और मंत्र

Published : Oct 06, 2026, 09:39 AM IST
Shivratri Vrat 2026

सार

Shivratri Vrat October 2026: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को व्रत किया जाता है। इसे मासिक शिवरात्रि और शिव चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है।

Masik Shivratri October 2026: पितृ पक्ष के दौरान आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से मन को शांति मिलने की मान्यता है। मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष की शिवरात्रि पर व्रत-पूजन करने से पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। आगे जानें अक्टूबर 2026 में कब करें मासिक शिवरात्रि व्रत, पूजा विधि, मुहूर्त सहित पूरी डिटेल…

कब है पितृ पक्ष की शिवरात्रि?

पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 08 अक्टूबर, गुरुवार की रात 10 बजकर 16 मिनिट से शुरू होगी जो 09 अक्टूबर, शुक्रवार की रात 09 बजकर 36 मिनिट तक रहेगी। चूंकि मासिक शिवरात्रि में भगवान शिव की पूजा खास तौर पर रात्रि में करने की परंपरा है। इसलिए ये व्रत 8 अक्टूबर को किया जाएगा।

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मासिक शिवरात्रि अक्टूबर 2026 मुहूर्त

परंपरा के अनुसार मासिक शिवरात्रि में रात में 4 बार शिवजी की पूजा का विधान है। अगर ऐसा न कर पाएं तो निशिथ काल में एक बार पूजा करके भी ये व्रत पूरा किया जा सकता है। 8 अक्टूबर की रात निशिथ काल पूजा का मुहूर्त रात 12 बजकर 01 मिनिट से 12 बजकर 41 मिनिट तक रहेगा। यानी पूजा के लिए भक्तों को पूरे 40 मिनिट का समय मिलेगा।

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मासिक शिवरात्रि व्रत-पूजा विधि

- 8 अक्टूबर, गुरुवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। इसके बाद पूरे दिन व्रत के नियमों का पालन करें।
- रात में पूजा से पहले एक बार फिर से स्नान करें और पूजा सामग्री एक स्थान पर रख लें। शुभ मुहूर्त में मासिक शिवरात्रि की पूजा शुरू करें।
- शिवलिंग का शुद्ध जल से अभिषेक करें। इसके बाद गाय के दूध से और एक बार फिर से शुद्ध जल शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- शुद्ध घी का दीपक जलाएं। बेलपत्र, भांग, आंकड़े के फूल, धतूरा, चावल, वस्त्र, जनेऊ व अन्य पूजन सामग्री भी शिवजी को अर्पित करें।
- पूजा के दौरान लगातार ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। महादेव को नारियल, मिठाई और फलों का भोग लगाएं।
- इसके बाद परिवार के साथ भगवान शिव की आरती करें। इस तरह मासिक शिवरा^f का व्रत करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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