ASI ने हाईकोर्ट को सौंपी भोजशाला की रिपोर्ट, 2000 पन्नों में छिपा है मंदिर-मस्जिद का राज

Published : Jul 15, 2024, 03:57 PM IST
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सार

Bhojshala Survey Report: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला के सर्वे की रिपोर्ट 15 जुलाई, सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट बैंच को सौंप दी है। आगे की सुनवाई 22 जुलाई को होगी।  

Bhojshala Survey Report: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला को लेकर काफी समय से विवाद चला रहा है। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही इसे अपना-अपना धर्म स्थल मानते हैं। अपना पक्ष मजबूत करने के लिए हिंदू फ्रंट ऑफ जस्टिस ने इंदौर हाईकोर्ट में 11 मार्च को एक याचिका लगाई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को भोजशाला परिसर का निरीक्षण कर 6 सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा था। बाद में इसका समय और बढ़ाया गया। 15 जुलाई, शुक्रवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 2 हजार पन्नों की एक रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी है। कोर्ट ने आगे की सुनवाई के लिए 22 जुलाई का समय दिया गया है।

हिंदू पक्ष मजबूत, सुप्रीम कोर्ट जाने को तैयार
हिंदू फ्रंट ऑफ जस्टिस के वकील एडवोकेट विष्णु शंकर जैन के अनुसार, भोजशाला मामले में हिंदुओं का पक्ष मजबूत है। ये एक हिंदू मंदिर है, जिसका उपयोग काफी समय से मस्जिद के रूप में हो रहा है। ये हिंदुओं के मौलिक अधिकारों का हनन है। ASI (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) को भी स्टडी के दौरान हिंदुओं के पक्ष में कई साक्ष्य मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की कार्यवाही पर स्टे दे रखा है। इस वजह से हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं।

रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर रोक
ASI ने जो रिपोर्ट हाईकोर्ट को दी है। उसकी एक-एक कॉपी कोर्ट ने दोनों पक्षों को दी है। कोर्ट ने दोनों ही पक्षों से कहा कि वे इसे सार्वजनिक न करें। दावा किया गया है कि खुदाई के दौरान पुरानी मूर्तियों के अवशेष, धार्मिक चिह्न मिले हैं। ASI के अधिकारियों ने भोजशाला सर्वे की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई है। ये भी कोर्ट के सामने पेश किए हैं।

क्या है पूरा विवाद?
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला को लेकर हिंदू-मुस्लिमों में काफी समय से विवाद चला आ रहा है। भोजशाला का निर्माण 11वीं सदी का माना जाता है। हिंदू इसे देवी सरस्वती की मंदिर मानते हैं तो मुस्लिम इसे कमाल मौला की मस्जिद। हर मंगलवार और बसंत पंचमी पर हिंदू यहां देवी सरस्वती की पूजा करते हैं और हर शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग यहां नमाज अदा करते हैं। भोजशाला को लेकर कईं बार विवाद की स्थिति भी बन चुकी है।

 

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