Janmashtami Bhog: जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को खास भोग अर्पित किए जाते हैं। इस लिस्ट में मिश्री-माखन, धनिया पंजीरी शामिल है। जानिए बाकी के और खास भोगों के बारे में यहां।
Janmashtami Bhog Prasad: जन्माष्टमी का त्योहार 16 अगस्त के दिन पड़ रहा है। ऐसे में सभी लोगों के बीच इसको लेकर उत्साह अभी से देखने को मिल रहा है। जन्माष्टमी वाले दिन भक्त लड्डू गोपाल की पूजा करते हैं और भोग लगते हैं। कई जगहों पर तो लड्डू गोपाल को 56 भोग लगते हैं। ऐसे में हम आपको खाने से जुड़ी उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप भोग के तौर पर कान्हा जी को लगा सकते हैं और लड्डू गोपाल को खुश कर सकते हैं।
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को अर्पित करें ये भोग
जन्माष्टमी वाले दिन जब आप लड्डू गोपाल का जन्म करें तो उस वक्त शहद का भोग उन्हें जरूर अर्पित करें।
इसके बाद आती है धनिया पंजीरी की, जिसे देसी घी में अच्छी तरह से पकाकर तैयार किया जाता है। मीठा करने के लिए उसमें बुरा और स्वाद के लिए ड्राइफ्रूट्स तक मिलाए जाते हैं।
माखन और मिश्री को भी आप जन्माष्टमी के दिन भोग के तौर पर अर्पित कर सकते हैं, जोकि भगवान श्री कृष्ण को बेहद प्रिय है। घर पर बना हुआ माखन आप उन्हें अर्पित करते हैं तो बहुत अच्छा रहेगा।
इसके अलावा आप भगवान श्री कृष्ण को पंचामृत का भोग लगा सकते हैं, जो कि दूध, शहद, दही, शक्कर आदि को मिलाकर तैयार होता है। आज के दिन भगवान को पंचामृत से स्नान भी करवाया जाता है।
आप चाहे तो घर के बनें मालपुओ का भी भोग श्री कृष्ण को जन्माष्टमी वाले दिन भोग लगा सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण को राधा रानी के हाथ के बने मालपुए बहुत पसंद थे।
जन्माष्टमी वाले दिन भोग लगाते वक्त बोलना चाहिए कौन-सा मंत्र?
जन्माष्टमी वाले दिन लड्डू गोपाल को भोग लगाते समय "त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाणे सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर" मंत्र बोलना चाहिए। जब भी कान्हा जी को भोग लगाएं तो मंदिर में पर्दा कर दें और ये मंत्र बोले।
कब है जन्माष्टमी का त्योहार?
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण द्विवेदी के मुताबिक चूंकि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि का सूर्योदय 16 अगस्तो को होगा, इसीलिए इसी दिन श्री कृष्ण का पर्व जन्माष्टमी मनाया जाएगा।
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi