Utpanna Ekadashi Katha: कब करें उत्पन्ना एकादशी 2024 का पारणा? जानें रोचक कथा भी

Published : Nov 25, 2024, 10:16 AM ISTUpdated : Nov 26, 2024, 08:48 AM IST
Utpanna-Ekadashi-Katha

सार

Utpanna Ekadashi 2024: इस बार उत्पन्ना एकादशी का व्रत 26 नवंबर, मंगलवार को किया जाएगा। इस एकादशी का महत्व अनेक ग्रंथों में बताया गया है। इससे जुड़ी एक कथा भी प्रसिद्ध है, जो सभी को उत्पन्ना एकादशी पर जरूर सुननी चाहिए। 

Utpanna Ekadashi 2024 Parna Time: अगहन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहते हैं। इस बार ये एकादशी 26 नवंबर, मंगलवार को है। इसके अगले दिन यानी 27 नवंबर, बुधवार को व्रत का पारना किया जाएगा। व्रत पारना का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 12 मिनिट से 3 बजकर 18 मिनिट तक रहेगा। उत्पन्ना एकादशी से जुड़ी एक रोचक कथा भी है, इसे सुने बिना व्रत का पूरा फल नहीं मिलता। जानें उत्पन्ना एकादशी की रोचक कथा…

उत्पन्ना एकादशी की कथा (Story Of Utpanna Ekadashi)

- प्राचीन समय में मुर नाम का एक बलशाली दैत्य था। उसने तपस्या करके कईं वरदान प्राप्त कर लिए थे। अपने पराक्रम से इंद्र सहित सभी देवताओं का पराजित कर लिया और स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। तब सभी देवता भगवान विष्णु के पास गए और अपनी समस्या बताई।

- सभी देवताओं की बात सुनकर भगवान विष्णु मूर राक्षस से युद्ध के लिए तैयार हो गए। भगवान विष्णु और मूर राक्षस के बीच कईं सालों तक युद्ध होता रहा, लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला। मूर राक्षस को मिले वरदानों के कारण भगवान भी उसे मारने में असमर्थ थे।

- जब भगवान विष्णु युद्ध करते-करते थक गए तो वे बद्रीकाश्रम चले गए। यहां जाकर वे एक गुफा में विश्राम करने लगे। मूर राक्षस भी उनका पीछा करते-करते उस गुफा में पहुंच गया। तब उसने देखा कि भगवान विष्णु विश्राम कर रहे हैं तो उसने उसी अवस्था में उन पर आक्रमण कर दिया।

- तभी भगवान विष्णु के शरीर से एक सुंदर स्त्री प्रकट हुई और मूर राक्षस से युद्ध करने लगी। देखते ही देखते उस सुंदर स्त्री ने मूर राक्षस का वध कर दिया। तब भगवान विष्णु नींद से जागे तो उन्होंने उस स्त्री का परिचय पूछा। स्त्री ने बताया कि ‘मैं आपके ही शरीर से उत्पन्न एकादशी तिथि हूं।’

- तब भगवान विष्णु ने कहा कि ‘मेरे शरीर से उत्पन्न होने के कारण तुम सभी तिथियों में सबसे पवित्र कहलाओगी। मेरे भक्त एकादशी तिथि पर व्रत रखकर मुझे प्रसन्न करेंगे। जो लोग तुम्हारी पूजा करेंगे, वे मेरे भी भक्त होंगे।’ तुम्हारी प्रकट तिथि को उत्पन्ना एकादशी का नाम से जाना जाएगा।

- जो भी व्यक्ति उत्पन्ना एकादशी का व्रत करता है, उसे ये कथा जरूर सुननी चाहिए, तभी इस व्रत का पूरा फल मिलता है। व्रत करने वाले के पाप मिट जाते हैं और मृत्यु के बाद उसे परम गति की प्राप्ति होती है।


ये भी पढ़ें-

Vivah Panchami 2024 Kab Hai: कब है विवाह पंचमी, क्यों मनाया जाता है ये पर्व?


Hindu Beliefs: ब्राह्मण क्यों नहीं खाते मसूर की दाल, क्यों इसे मानते हैं नॉनवेज?


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम