Khandoba Jayanti 2025: कौन हैं भगवान खंडोबा, इन्हें क्यों कहते हैं महादेव का अवतार?

Published : Nov 22, 2025, 03:49 PM IST
Khandoba Jayanti 2025

सार

Khandoba Jayanti 2025: भगवान शिव के अनेक अवतारों की पूजा देश के अलग-अलग हिस्सों में की जाती है। महादेव का ऐसा ही एक अवतार है भगवान खंडोबा। इनकी पूजा महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में विशेष रूप से की जाती है।

Khandoba Jayanti 2025 Kab Hai: हमारे देश में अनेक स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा की परंपरा भी है। ऐसे ही एक देवता हैं खंडोबा। महाराष्ट्र में इनके अनेक मंदिर हैं। इसके अलावा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी इनकी पूजा की जाती है। इन प्रदेशों में लोग इन्हें अपने कुलदेवता के रूप में पूजते हैं। खास बात ये है कि लोग खंडोबा को महादेव का अवतार और वीर योद्धा मानते हैं। हर साल अगहन मास में खंडोबा का जयंती पर्व मनाया जाता है। जानें इस बार कब है खंडोबा जयंती और इनसे जुड़ी रोचक बातें…
 

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कब है खंडोबा जयंती 2025?

स्थानीय परंपरा के अनुसार, भगवान खंडोबा की जयंती अगहन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इस बार ये तिथि 26 नवंबर, बुधवार को है। इसलिए इसी दिन भगवान खंडोबा की जयंती मनाई जाती है। खंडोबा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के जेजुरी गांव में स्थित है। यही स्थान खांडोबा की भक्ति और लोक परंपरा का केंद्र है।

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महादेव ने क्यों लिया खंडोबा अवतार?

प्रचलि कथा के अनुसार प्राचीन समय में मणि और मल्ल नाम के 2 शक्तिशाली राक्षस थे। अपने बल के अभिमान में चूर होकर उन्होंने मानव जाति पर अनेक अत्याचार किए और ऋषि-मुनि आदि को भी परेशान करने लगे। तब भगवान शिव ने मार्तंड भैरव के रूप में अवतार लिया और इन राक्षसों को युद्ध के लिए ललकारा। महादेव के इस अवतार को देखकर मणि और मल्ल ने उनसे माफी मांग ली। भगवान शिव ने उन्हें माफ भी कर दिया। मार्तंड भैरव को ही खंडोबा, मल्हारी मार्तंड, मल्लारी और खंडेराय के रूप में भी पूजा जाता है।

खंडोबा की है 2 पत्नियां

प्रचलित कथा के अनुसार खंडोबा की 2 पत्नियां हैं। इनके नाम मणि (म्हालसा) और बाणाई (बनाई) है। भगवान खंडोबा युद्धकला में निपुण हैं। इनके घोड़े का रंग सफेद है। इनके हाथ में हमेशा तलवार रहती है। इनके शरीर पर महादेव की तरह भस्म होती है। चित्र में ये हमेशा अपनी दोनों पत्नियों के साथ दिखाई देते हैं।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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