Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर करें व्रत-उपवास तो ध्यान रखें ये 3 बातें, तभी मिलेगा शिव पूजा का संपूर्ण फल

Published : Feb 15, 2023, 11:34 AM IST
mahashivratri 2023

सार

Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मनाया जाने वाला सबसे प्रमुख त्योहार है। इस बार ये त्योहार 18 फरवरी, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन भक्तजन शिवजी की कृपा पाने के लिए व्रत-उपवास भी करते हैं। 

उज्जैन. हिंदू धर्म में व्रत-उपवास का विशेष महत्व है। कई विशेष त्योहारों पर भगवान की कृपा पाने के लिए उपवास करने की परंपरा है। महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2023) भी इन त्योहारों में से एक है। इस बार ये पर्व 18 फरवरी, शनिवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर उपवास करने से शिवजी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर कामना पूरी करते हैं। महाशिवरात्रि का उपवास करते समय कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, नही तो उपवास का संपूर्ण फल नहीं मिल पाता। आगे जानिए महाशिवरात्रि व्रत में किन बातों का ध्यान रखें…

पहले संकल्प लें फिर उपवास करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी व्रत-उपवास या पूजा से पहले संकल्प लेना बहुत जरूरी है। इसके लिए सुबह स्नान आदि करने के बाद हाथ में थोड़ा सा जल और चावल के दाने लें और शिवजी की प्रतिमा के सामने बैठकर जैसा व्रत आप करना चाहते हैं वैसे संकल्प करें। जैसे अगर आप व्रत के दौरान एक समय भोजन करना चाहते हैं तो वैसा संकल्प लें और यदि आप निराहार व्रत करना चाहते हैं तो वैसा संकल्प लें। अगर आपकी कोई कामना है तो इसके बारे में भी संकल्प के दौरान बोल सकते हैं।

मन से भी सात्विक आचरण करें
व्रत का अर्थ सिर्फ भोजन से नहीं बल्कि आचरण से भी है। महाशिवरात्रि पर व्रत के दौरान मन भी पूरी तरह से सात्विक रहना चाहिए यानी किसी तरह का कोई बुरा विचार मन में न लाएं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, बुरे काम तीन तरीकों से होता हैं- मन, वचन और कर्म से। यानी न तो मन में किसी के प्रति गलत बातें सोचें न हीं किसी के बारे में गलत बोलें और न ही किसी के साथ गलत व्यवहार करें। इस तरह महाशिवरात्रि पर सात्विक आचरण करते हुए व्रत पूर्ण करें।

मन ही मन शिवजी का ध्यान करते रहें
महाशिवरात्रि पर व्रत-उपवास के दौरान मन ही मन शिवजी का ध्यान करते रहें। संभव हो तो रात्रि जागरण भी करें। धर्म ग्रंथों के अनुसार, जो व्यक्ति महाशिवरात्रि की रात को जागकर चारों प्रहर शिवजी की पूजा करते हैं, उसे पूरे साल की गई शिवपूजा के समान फल मिलता है। यानी दिन भर अपने संकल्प के लिए व्रत-उपवास करें और रात में जागरण कर शिवजी की पूजा करें और कथा भी सुनें। इस तरह महाशिवरात्रि का व्रत करने से हर मनोकामना पूरी हो सकती है।


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