Palmistry: हाथ की कौन-सी अंगुली किस ग्रह से जुड़े शुभ-अशुभ फल देती है, क्या जानते हैं आप?

Published : Feb 02, 2023, 03:56 PM IST

Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में पांचों अंगुली को अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। इन सभी अंगुलियों का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है। उसी के आधार पर ग्रहों का आपके जीवन पर कैसा असर हो सकता है, इसका आंकलन भी किया जाता है। 

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हर अंगुली करती है एक विशेष ग्रह का प्रतिनिधित्व

हस्तरेखा के अनुसार, हर अंगुली एक विशेष ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है। जब किसी ग्रह विशेष से शुभ फल पाने के लिए रत्न धारण किया जाता है तो वो उसी ग्रह से संबंधित अंगुली में पहना जाता है। ताकि इसका शुभ प्रभाव जल्दी से जल्दी हमारे जीवन पर हो। हस्तरेखा से जानें भविष्य, सीरीज के पहले 3 अंकों में हम आपको हाथों के प्रकार, अंगुलियों और अंगूठे की बनावट के बारे में बता चुके हैं। इस सीरिज के चौथे अंक में हम आपको अंगुलियों के नाम और वो किस ग्रह से संबंधित हैं, इसके बारे में बता रहे हैं। आगे जानिए अंगुलियों के नाम और वो किस ग्रह से संबंधित हैं…
 

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तर्जनी अंगुली

ये अंगूठे के सबसे पास वाली अंगुली होती है। ये बृहस्पति यानी गुरु ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है। चूंकि गुरु ग्रह का हमारे जीवन पर विशेष प्रभाव माना जाता है, इसलिए इस अंगुली के आकार-प्रकार और बनावट का हमारे जीवन पर विशेष प्रभाव होता है। ये अंगुली शुभ गुणों से युक्त हो तो व्यक्ति धर्म-कर्म में रूचि रखता है और बुद्धिमान होता है।
 

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मध्यमा अंगुली

ये हमारे हाथ की सबसे लंबी अंगुली होती है। ये शनि ग्रह से संबंधित हैं। शनि की अंगुली विशेष लम्बी होना उत्तम लक्षण है। ये अंगुली शुभ गुणों से युक्त हो तो ऐसे लोग संगीतप्रेमी, कलाकार, एकांतवासी तथा ईश्वर के प्रति श्रद्धा रखने वाले होते हैं। साथ ही साथ इन्में जानवरों के प्रति प्रेम विशेष रूप से पाया जाता है।
 

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अनामिका अंगुली

ये अंगूठे की ओर से तीसरी अंगुली होती है। इसे सूर्य की अंगुली कहते हैं। ये अंगुली यदि शुभ गुणों से युक्त हो तो व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान तो मिलता ही है, ऐसी व्यक्ति काफी महत्वकाक्षी भी होता है। ऐसे लोग धन के प्रति भी काफी आसक्त होते हैं। समय के साथ इनकी प्रसिद्धि भी फैलती जाती है।
 

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कनिष्ठिका अंगुली

ये हमारे हाथ की सबसे छोटी अंगुली होती है। इसे बुध ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। बुध ग्रह बुद्धि और पढ़ाई से संबंधित है। जिस व्यक्ति की ये अंगुली शुभ गुणों से युक्त होती है वह पढ़ने-लिखने में होशियार होता है। ऐसे लोग कवि, साहित्यकार भी हो सकते हैं। इन्हें बुद्धि से जुड़े कामों में ही सफलता मिलती है।


लेखक परिचय
राजेन्द्र गुप्ता ज्योतिष जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। आप वर्तमान में अजमेर (राजस्थान) में रहकर हस्तरेखा विषय पर निरंतर शोधपरक कार्य कर रहे हैं। आपने एम.ए. दर्शनशास्त्र में स्वर्णपदक प्राप्त किया है। साथ ही इतिहास और राजनीति शास्त्र विषयों पर भी आपने एम. ए. किया है। साहित्यागार प्रकाशन जयपुर से हिंदी व्याकरण पर आपकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। रेडियो-टीवी पर भी आपकी कई खोजपरक रिपोर्ट और वार्ताएं प्रसारित हो चुकी हैं।


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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।
 


 
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