क्या मंगलवार-शनिवार को मांस-शराब छोड़ना काफी है? प्रेमानंद महाराज का जवाब सुन खुल जाएंगी आंखें

Published : Jul 30, 2025, 01:33 PM IST
Premanand Maharaj

सार

Premanand ji Maharaj Special: कई लोग मंगलवार और शनिवार के दिन मांसाहारी भोजन खाना और शराब पीना छोड़ देते हैं, लेकिन बाकी दिन ये सब जमकर खाते हैं। भगवान के नाम का जप करते वक्त ऐसा करना कितना सही है या नहीं? स्वामी प्रेमानंद महाराज से जानिए इसका जबाव। 

Premanand ji Maharaj Pravachan: हिंदू धर्म में कुछ दिन ऐसे होते हैं, जिन दिनों मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन करना बिल्कुल वर्जित होता है। इन दिनों का पालन बहुत से हिंदू श्रद्धालु करते हुए दिखाई देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि मंगलवार का दिन राम भक्त हनुमान का होता है, इसीलिए इस दिन मांसाहारी भोजन और शराब पीना बिना बिल्कुल मना है। वहीं, शनिवार के दिन हनुमान जी और न्याय के देवता शनिदेव की पूजा की जाती है, इसीलिए इस दिन भी इन चीजों का सेवन नहीं किया जाता है। एक भक्त ने जब स्वामी प्रेमानंद महाराज से सवाल कि भगवान के नाम का जप भी किया जा रहा है। मंगलवार और शनिवार को नॉनवेज नहीं खा रहे हैं, लेकिन रविवार के दिन इन सब चीजों का सेवन कर रहे हैं तो क्या ये उचित है? इसका जवाब स्वामी जी ने बेहद ही सरलता और सटीकता के दिया।

स्वामी प्रेमानंद महाराज ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो डाल है, जिसमें उन्होंने इस सवाल का जवाब उन्होंने सटीक तरीके से दिया है। उन्होंने कहा, 'नहीं, ऐसा नहीं करना चाहिए। हम गंगा नहाकर आए और फिर नाले में लौट जाए, तो फिर गंगा स्नान का क्या फायदा? जब मंगलवार-शनिवार के दिन सबकुछ छोड़ दिया है, तो बाकी दिन भी उसका सेवन नहीं करना चाहिए। हमें गंदे आचरण से दूर रहना चाहिए। ऐसा नहीं करना चाहिए कि दोनों दिन कुछ नहीं किया और अब सच रहे हैं कि रविवार के दिन खुलकर पीएंगे-खाएंगे। यदि छोड़ना है, तो पूरी तरह छोड़ दें।"

 

 

जानिए क्यों स्वामी प्रेमानंद महाराज के पास जाने से डरते हैं लोग?

स्वामी प्रेमानंद महाराज ने उस भक्त से पूछा, 'क्या आप खाते हो क्या मांस? ये सुनते ही भक्त ने कहा हम छोड़ देंगे। स्वामी जी बोले, 'वैसे लोग हमारे पास आने से डरते हैं , क्योंकि उन्हें लगता है कि बाबा जी के पास जाएंगे तो वो छुड़वा देंगे। अब जब तुम आ ही गए हो, तो सब कुछ छोड़ दो। शराब आपने छोड़ दिया है तो शराब पीना छोड़ दोगे? तो भक्त ने कहा हम छोड़ देंगे। इसके बाद स्वामी जी ने बताया कि शरीर इन सब चीजों के बिना सेवन किए भी बलवान बन सकता है। उन्होंने दंड बैठक करने, शुद्ध देसी दूध पीने और घी खाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब खुद के शरीर को काटने से दर्द होता है तो किसी जीव को काटकर खाना बिल्कुल भी सही नहीं है। गुरू ने जी उस भक्त को नाम जप करने की भी सलाह दी।

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