Shani Amavasya 2025: बचना है दुर्भाग्य से तो शनि अमावस्या पर इन 5 जगहों पर जलाएं दीपक

Published : Aug 22, 2025, 10:51 AM IST
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सार

Shani Amavasya 2025 Date: 23 अगस्त को शनिश्चरी अमावस्या है। ये बहुत ही दुर्लभ संयोग है जो साल में 1 या 2 बार ही बनता है। इस दिन कुछ खास उपाय किए जाएं तो शनिदेव के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है।

2025 Mai Shani Shanichari Amavasya Kab Hai: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मनुष्य को उसके अच्छे-बुरे कर्मों का फल शनिदेव देते हैं। इसलिए शनिदेव को न्यायाधीश भी कहते हैं। जब शनि की साढ़ेसाती और ढय्या का प्रभाव किसी राशि पर होता है तो उस राशि के लोगों के जीवन में अचानक परेशानियां बढ़ जाती हैं। इन परेशानियों को कम करने के लिए खास मौकों पर शनिदेव के उपाय करने चाहिए। ऐसा ही एक खास मौका 23 अगस्त 2025 को बन रहा है। इस दिन भाद्रपद मास की अमावस्या और शनिवार का संयोग होने से शनिश्चरी अमावस्या कहलाएगी। इस दिन अगर कोई व्यक्ति 5 स्थानों पर दीपक जलाएं तो उसकी समस्या कम हो सकती है।

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किन राशियों पर है शनि की साढे़साती?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, शनि इस समय मीन राशि में स्थित हैं, जिसके चलते मेष, मीन और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का असर है। खास बात ये है कि वर्तमान में शनि वक्री है यानी टेढ़ी चाल चल रहा है। शनि की ये स्थिति और भी ज्यादा परेशान करने वाली होती है।

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किन राशियों पर है शनि की ढय्या?

वर्तमान में शनि की ढय्या का असर सिंह और धनु राशि पर है, जिसके चलते इन राशि वालों के जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं शनि की वक्री स्थिति इनके लिए और भी ज्यादा घातक साबित हो सकती है।

शनिश्चरी अमावस्या पर कहां लगाएं दीपक?

1. शनिश्चरी अमावस्या पर पहला दीपक हनुमानजी के मंदिर में लगाएं। इसमें शुद्ध घी का उपयोग करें। हनुमानजी की कृपा से आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है।
2. दूसरा दीपक अपने आस-पास स्थिति शनि मंदिर में लगाएं। इससे शनिदेव आपसे प्रसन्न रहेंगे। इस दीपक में सरसों का तेल डालें।
3. शनिश्चरी अमावस्या पर तीसरा दीपक पीपल के पेड़ के नीचे लगाएं। इससे सभी देवताओं का आशीर्वाद आपको मिलेगा।
4. चौथा दीपक शमी के वृक्ष के नीचे लगाएं। शमी का वृक्ष को शनि का ही रूप माना जाता है।
5. शनिश्चरी अमावस्या पर पांचवां दीपक किसी नदी या कुएं के पास लगाएं। ये स्थान पितरों का होता है। इस उपाय से पितरों का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होगा।



Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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