नवरात्रि 2024 में रोज करें दुर्गा चालीसा का पाठ, मां दूर करेंगी हर परेशानी

Published : Oct 03, 2024, 06:30 AM IST
durga chalisa lyrics hindi

सार

Shardiya Navratri 2024 Durga Chalisa Lyrics In Hindi: नवरात्रि में यदि रोज दुर्गा चालीसा का पाठ विधि-विधान से किया जाए तो हर तरह की समस्या दूर हो सकती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। 

Shardiya Navratri 2024: इस बार शारदीय नवरात्रि का पर्व 3 अक्टूबर, गुरुवार से शुरू हो रहा है जो 11 अक्टूबर शुक्रवार तक मनाया जाएगा। इन 9 दिनों में हर कोई देवी को अपने-अपने तरीके से प्रसन्न करने का प्रयास करेगा। देवी को प्रसन्न करने के कईं उपाय धर्म ग्रंथों में भी बताए गए हैं। उसके अनुसार नवरात्रि में यदि रोज दुर्गा चालीसा का पाठ किया जाए तो हर समस्या दूर हो सकती है और जीवन में सुख-समृद्धि भी बनी रहेगी।

दुर्गा चालीसा पाठ (Durga Chalisa Lyrics In Hindi)
नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
निरंकार है ज्योति तुम्हारी।
तिहूं लोक फैली उजियारी॥
शशि ललाट मुख महाविशाला।
नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥
रूप मातु को अधिक सुहावे।
दरश करत जन अति सुख पावे॥
तुम संसार शक्ति लै कीना।
पालन हेतु अन्न धन दीना॥
अन्नपूर्णा हुई जग पाला।
तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥
प्रलयकाल सब नाशन हारी।
तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥
शिव योगी तुम्हरे गुण गावें।
ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥
रूप सरस्वती को तुम धारा।
दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥
धरयो रूप नरसिंह को अम्बा।
परगट भई फाड़कर खम्बा॥
रक्षा करि प्रह्लाद बचायो।
हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥
लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।
श्री नारायण अंग समाहीं॥
क्षीरसिन्धु में करत विलासा।
दयासिन्धु दीजै मन आसा॥
हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।
महिमा अमित न जात बखानी॥
मातंगी अरु धूमावति माता।
भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥
श्री भैरव तारा जग तारिणी।
छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥
केहरि वाहन सोह भवानी।
लांगुर वीर चलत अगवानी॥
कर में खप्पर खड्ग विराजै।
जाको देख काल डर भाजै॥
सोहै अस्त्र और त्रिशूला।
जाते उठत शत्रु हिय शूला॥
नगरकोट में तुम्हीं विराजत।
तिहुंलोक में डंका बाजत॥
शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे।
रक्तबीज शंखन संहारे॥
महिषासुर नृप अति अभिमानी।
जेहि अघ भार मही अकुलानी॥
रूप कराल कालिका धारा।
सेन सहित तुम तिहि संहारा॥
परी गाढ़ संतन पर जब जब।
भई सहाय मातु तुम तब तब॥
अमरपुरी अरु बासव लोका।
तब महिमा सब रहें अशोका॥
ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी।
तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥
प्रेम भक्ति से जो यश गावें।
दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥
ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई।
जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥
जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।
योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥
शंकर आचारज तप कीनो।
काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥
निशिदिन ध्यान धरो शंकर को।
काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥
शक्ति रूप का मरम न पायो।
शक्ति गई तब मन पछितायो॥
शरणागत हुई कीर्ति बखानी।
जय जय जय जगदम्ब भवानी॥
भई प्रसन्न आदि जगदम्बा।
दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥
मोको मातु कष्ट अति घेरो।
तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥
आशा तृष्णा निपट सतावें।
रिपू मुरख मौही डरपावे॥
शत्रु नाश कीजै महारानी।
सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥
करो कृपा हे मातु दयाला।
ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला।।
जब लगि जिऊं दया फल पाऊं ।
तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ॥
दुर्गा चालीसा जो कोई गावै।
सब सुख भोग परमपद पावै॥
देवीदास शरण निज जानी।
करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥
॥ इति श्री दुर्गा चालीसा सम्पूर्ण ॥

जानें दुर्गा चालीसा पाठ करने की सही विधि (Kaise Kare Durga Chalisa Paath)
शारदीय नवरात्रि में रोज सुबह स्नान आदि करने के बाद देवी दुर्गा की पूजा करें। साथ ही शुद्ध घी का दीपक जलाएं जो पाठ पूरा होने तक जलता रहे। कुशा के आसन बैठकर पूरी श्रद्धा से दुर्गा चालीसा का पाठ करें। पाठ पूरा होने के बाद मन में यदि कोई इच्छा है तो उसे पूरी करने के लिए प्रार्थना भी करें। 9 दिनों तक रोज इसी विधि से दुर्गा चालीसा का पाठ करें। इससे आपकी मनोकामना जल्दी पूरी होगी।


ये भी पढ़ें-

Navratari 2024: राशि अनुसार उपाय दूर करेंगे आपकी परेशानी, घर आएगी सुख-समृद्धि


अगर नवरात्रि में आप भी जलाते हैं अखंड ज्योत तो रखें 5 बातों का ध्यान


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम