Uttarakhand Char Dham Yatra 2024: उत्तराखंड चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तय, जानें एक दिन में कितने लोग कर पाएंगे दर्शन?

Published : Apr 30, 2024, 09:48 AM IST
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सार

Uttarakhand Char Dham Yatra 2024: इस बार उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरूआत 10 मई से हो रही है। यात्रा पर जाने के लिए श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। पर्यटन विभाग ने हर दिन के श्रद्धालुओं की संख्या तय कर दी है। 

Uttarakhand Char Dham Yatra 2024 Details: देवभूमि कहे जाने वाले उत्तरखंड में 10 मई से चार धाम (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) यात्रा शुरू हो रही है। यात्रा में जाने से पहले हर श्रद्धालु का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने इस बार हर दिन के श्रद्धालुओं की संख्या तय कर दी है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पिछली बार यहां दर्शन की व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। जानें इस बार एक दिन में कितने श्रद्धालु चार धाम के दर्शन कर पाएंगे…

कितने श्रद्धालु करवा चुके रजिस्ट्रेशन?
पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे के अनुसार, अभी तक उत्तराखंड चार धाम यात्रा के लिए 19 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। पिछली बार लगभग 55 लाख भक्तों ने यहां दर्शन किए थे, इस बार इनकी संख्या और भी बढ़ सकती है। पिछली बार इतनी अधिक संख्या में भक्तों के आने से यहां की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई थीं। इसीलिए इस बार श्रद्धालुओं की प्रतिदिन की संख्या सीमित कर दी है।

एक दिन में कितने लोग कर सकेंगे दर्शन?
पर्यटन सचिव कुर्वे के अनुसार, इस बार एक दिन में अधिकतम 51 हजार भक्त चार धाम की यात्रा कर पाएंगे। इनमें से 15 हजार श्रद्धालु केदारनाथ धाम, 16 हजार बद्रीनाथ, 9 हजार यमुनोत्री तो 11 हजार भक्त गंगोत्री में दर्शन कर सकेंगे। इन सभी की कुल संख्या 51 हजार होगी। पिछले साल एक दिन में 60 हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुंचे रहे थे, जिसकी वजह से व्यवस्था बिगड़ गई थी।

ऐसे तय होगी भक्तों की संख्या
पर्यटन सचिव कुर्वे के अनुसार, यदि कोई बद्रीनाथ जाना चाहता है तो उसे पहले श्रीनगर में रोका जाएगा। अगर उस दिन के 15 हजार भक्तों की संख्या पूरी हो गई है तो श्रद्धालुओं को यहीं रात रुकना होगा। उसे अगले दिन यहां से आगे जाने दिया जाएगा। यही स्थिति रुद्रप्रयाग, चमोली, पीपलकोटी और जोशीमठ में रहेगी। केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ, गौरीकुंड में रोका जाएगा।


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