वैशाख अमावस्या 27 अप्रैल को, क्यों खास ये तिथि, जानें इस दिन क्या करें-क्या नहीं?

Published : Apr 26, 2025, 04:35 PM IST
vaishkha amawasya 2025

सार

Vaishakh Amavasya 2025: इस बार वैशाख मास की अमावस्या 27 अप्रैल, रविवार को है। इसे सतुवाई अमावस्या कहते हैं। इस अमावस्या का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में मिलता है। इस तिथि पितृ कर्म के लिए उपयुक्त है। 

Vaishakh Amavasya 2025: हर महीने के कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन अमावस्या तिथि आती है। इस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता। इस बार वैशाख मास की अमावस्या 27 अप्रैल, रविवार को है। इसे सतुवाई अमवस्या कहते हैं। इस अमावस्या का महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। उज्जैन के ज्योतिचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, वैशाख मास की अमावस्या पर यदि कुछ खास उपाय किए जाएं तो अनेक तरह की परेशानियां दूर हो सकती हैं। आगे जानिए वैशाख अमावस्या का महत्व और इस दिन क्या करें-क्या नहीं?

क्यों खास वैशाख मास की अमावस्या?

वैशाख अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहते हैं क्योंकि इस दिन सत्तू का दान करने का विशेष महत्व है। सत्तू चने व अन्य अनाजों को पीसकर बनाया जाता है। इसे पीने से शरीर को ठंडक मिलती है। चूंकि वैसाख मास में भीषण गर्मी होती है, इस समय सत्तू का दान करना बहुत ही शुभ माना गया है। यही कारण ही इस अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहा जाता है।

सतुवाई अमावस्या पर क्या करें?

1. 27 अप्रैल, रविवार को सतुवाई अमावस्या के मौके पर पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध आदि करना चाहिए। इससे पितृ दोष खत्म होता है।
2. अमावस्या पर जरूरतमंदों को दान देने का भी विशेष महत्व है। इस दिन अपनी इच्छा के अनुसार अनाज, पैसा, भोजन आदि का दान करना चाहिए।
3. अमावस्या पर महादेव की पूजा का विशेष फल मिलता है। साथ ही हनुमानजी और भैरव महाराज को इस दिन चोला चढ़ाना चाहिए।
4. अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए गाय को चारा खिलाएं, मछलियों के लिए तालाब में आटे की गोलियां बनाकर डालें।
5. अमावस्या पर घर आए किसी भी भिक्षुक को खाली हाथ न लौटाएं, उसे अपनी इच्छा अनुसार कुछ न कुछ जरूर दें।

अमावस्या पर कौन-से काम न करें?

1. अमावस्या पर मांस-मदिरा आदि तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
2. अमावस्या पर ब्रह्मचर्य का पालन करें क्योंकि ये पितरों की तिथि है।
3. अमावस्या पर किसी का मन न दुखाएं, क्रोध न करें और न ही किसी को अपशब्द बोलें।
4. संभव हो तो अमावस्या पर यात्रा करने से बचें नहीं तो मार्ग में परेशानी हो सकती है।
5. अमावस्या तिथि पर महिलाओं को सिर नहीं धोना चाहिए और न ही अपने बाल खुले रखने चाहिए।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi
Read more Articles on

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम