
Interesting Facts 2026: साल 2026 में तीज-त्योहारों पर कईं रोचक स्थितियां बन रही हैं। इस बार मकर संक्रांति का पर्व 2 दिन मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्रि 9 नहीं बल्कि 10 दिन की रहेगी, वहीं दिवाली उत्सव भी 6 दिनों का होगा। साल में 2 चंद्र व 2 सूर्य होंगे, लेकिन इनमें से सिर्फ एक ही भारत में दिखाई देगा। ऐसी बहुत सी बातें इस साल में होंगी। आगे जानिए साल 2026 के 10 ऐसे ही रोचक फैक्ट्स…
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साल 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 2 दिन मनाया जाएगा। पंचांगों की मानें तो 14 जनवरी को सूर्य दोपहर में राशि बदलेंगे, जिसके चलते मकर संक्रांति का पुण्य काल अगले दिन यानी 15 जनवरी को माना जाएगा। इस बार 14 जनवरी को षटतिला एकादशी का संयोग भी बन रहा है। ऐसा संयोग कईं दशकों में एक बार बनता है।
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हिंदू कैलेंडर को विक्रम संवत कहा जाता है जो अंग्रेजी कैलेंडर से लगभग 57 साल आगे है। इस बार विक्रम संवतं 2083 की शुरूआत 19 मार्च 2026 से होगी। हिंदू नववर्ष के पहले दिन गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। विक्रम संवत 2083 का नाम सिद्धार्थी है।
साल 2026 में शनि पूरे समय मीन राशि में रहेंगे, जिसके चलते मीन, कुंभ और मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। इसके अलावा सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या रहेगी। 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक शनि मीन राशि में वक्री रहेगा यानी टेढ़ी चाल रहेगा।
आमतौर पर गुरु ग्रह साल में सिर्फ एक बार ही राशि बदलता है लेकिन साल 2026 में ये ग्रह 2 बार राशि बदलेगा। गुरु ग्रह 2 जून को मिथुन से निकलकर कर्क राशि में जाएगा। इसके बाद 1 नवंबर को गुरु कर्क से सिंह राशि में प्रवेश करेगा। पंचांगों में गुरु ग्रह के राशि परिवर्तन की तारीखों में भेद हो सकता है।
अधिक मास हर 3 साल में एक बार आता है। इस बार ज्येष्ठ के अधिक मास का संयोग 2026 में बन रहा है। ज्येष्ठ का अधिक मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। ज्येष्ठ का अधिक मास होने विक्रम संवंत 2083 12 नहीं बल्कि 13 महीनों का होगा।
साल 2026 में 4 ग्रहण का संयोग बन रहा है, जिसमें से 2 सूर्य ग्रहण होंगे। साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को होगा। ये ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका कोई भी महत्व नहीं माना जाएगा। दूसरे सूर्य ग्रहण की बात करें तो ये 12 अगस्त को होगा। इस दिन हरियाली अमावस्या रहेगी। ये ग्रहण भी भारत में नहीं दिखेगा।
2026 में 2 चंद्र का संयोग भी बन रहा है। इनमें से पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को होगा, जो भारत में दिखाई देगा। खास बात ये है कि इस दिन होली उत्सव मनाया जाएगा। लेकिन इसका को भी असर इस पर्व नहीं होगा। चंद्र ग्रहण दोपहर 03:20 से शरू होगा जो 06:47 तक रहेगा। ग्रहण का सूतक सुबह 06:20 से शुरू हो जाएगा और ग्रहण के साथ ही समाप्त होगा।
इस बार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है लेकिन ये भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका कोई भी महत्व नहीं माना जाएगा। खास बात ये भी है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का संयोग नहीं बन रहा है। जिसके चलते बहनें दिन भर भाई को राखी बांध सकेंगे।
इस बार शारदीय नवरात्रि का पर्व 9 नहीं बल्कि 10 दिनों तक मनाया जाएगा, ऐसा तिथि वृद्धि होने के कारण होगा। शारदीय नवरात्रि की शुरूआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी और ये पर्व 20 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। विजयादशमी उत्सव 21 अक्टूबर, बुधवार को मनाया जाएगा।
पिछले कुछ सालों की तरह इस साल भी दिवाली उत्सव 6 दिनों का मनाया जाएगा। दिवाली उत्सव की शुरूआत 6 नवंबर को धनतेरस से होगी। 7 को नरक चतुर्दशी, 8 को लक्ष्मी पूजा, 9 को गोवर्धन पूजा, 10 को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि होने से भाई दूज का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाएगा।
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