Magh Mela 2026: प्रयागराज में हर साल माघ मास में साधु-संत गंगा तट पर एकत्रित होते हैं। एक महीने तक वे यहीं रहकर साधना करते हैं। माघ मेले के नियम बहुत ही कठिन है, जिसे जान किसी से भी पसीने छूट सकते हैं।
Magh Mela 2026 Date: देश के प्रमुख धार्मिक स्थान प्रयागराज में हर साल माघ मास में साधु-संतों एकत्रित होकर साधना करते हैं। इसे माघ मेला कहते हैं। इस माघ मेले में लाखों साधु-संतों के साथ आमजन भी शामिल होते हैं। माघ मेले के दौरान गंगा तट के किनारे कठिन नियमों का पालन करते हुए एक महीने तक रहना बहुत ही कठिन है। इस बार भी माघ मेला प्रयागराज में लगने जा रहा है। आगे जानिए कब से शुरू होगा माघ, मेला, इसका महत्व क्या है और इसके नियम?
धर्म ग्रंथों के अनुसार, हिंदू कैलेंडर के 11वें महीने का नाम माघ है। इस बार माघ मास की शुरूआत 3 जनवरी, शनिवार से हो रही है। इसी दिन से माघ मेला भी शुरू होगा। वैसे तो माघ मास 1 फरवरी को खत्म हो जाएगा लेकिन माघ मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि तक रहेगा। इस दौरान लाखों साधु-संत कठिन साधना कर गंगा के तट पर ही निवास करेंगे।
मान्यता है कि माघ मास के दौरान स्वयं भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इसलिए इस महीने में गंगा स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। प्राचीन परंपरा के अनुसार, माघ मास के दौरान प्रयाग में संगम तट पर एक महीने तक साधु-संत कुटिया बनाकर तप, जप और साधना करते हैं। इसे कल्पवास भी कहा जाता है। अनेक धर्म ग्रंथों में कल्पवास का महत्व बताया गया है।
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माघ मेले को क्यों कहते हैं कल्पवास?
कल्पवास शब्द में कल्प का अर्थ है युग और वास का अर्थ है रहना। ऐसा कहते हैं कि जो व्यक्ति जो माघ मास में कठिन नियमों का पालन करते हुए एक महीने तक रहता है, उसे एक युग में किए गए दान और जप-दान का फल प्राप्त होता है। महाभारत के अनुसार जो लोग कल्पवास के नियमों का विधि पूर्वक पालन करते हैं, उनका दुर्भाग्य दूर होता है।
1. कल्पवास के दौरान साधु-संत एक महीने तक कुटिया बनाकर संगम तट पर रहते हैं। 2. कल्पवास का संकल्प लेने के बाद संगम तट छोड़कर कहीं आ-जा नहीं सकते। 3. कल्पवासी सिर्फ 1 समय सात्विक भोजन करते हैं। 4. कल्पवास के दौरान रोज तीन बार गंगा में स्नान करना होता है। 5. कल्पवासी जमीन पर सोते हैं और ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।