
Solar Eclipse Precautions: हिंदू धर्म में ग्रहण से जुड़े अनेक नियम और मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें से कुछ मान्यताएं गर्भवती महिलाओं से भी जुड़ी हैं। कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं की सीधे ग्रहण के संपर्क में नहीं आनी चाहिए, नहीं तो गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर हो सकता है। इस बार साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को होने जा रहा है। इसे लेकर भी गर्भवती महिलाओं के मन में कईं सारे सवाल हैं, जैसे ग्रहण के दौरान क्या करें-क्या नहीं? आगे जानिए 12 अगस्त के ग्रहण से जुड़ी डिटेल…
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वैज्ञानिकों के अनुसार 12 अगस्त को होने वाला सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक मान्य नहीं होगा। भारत की गर्भवती महिलाओं को भी इस ग्रहण के नियम मानने की जरूरत नहीं है, वे सामान्य रूप से बाहर घूम-फिर सकती हैं। उनके गर्भ में पल रहे शिशु पर भी इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा। जिन देशों में ये ग्रहण दिखाई देगा, वहां की गर्भवती महिलाओं के लिए ये नियम मान्य होंगे।
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1. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के सीधे संपर्क में नहीं आना चाहिए।
2. सूर्य ग्रहण के दौरान मन को शांत रखें और किसी भी तरह के तनाव से बचें।
3. ग्रहण के दौरान जरूरी दवाएं ले सकते हैं। इसमें कोई कोताही न बरतें।
4. ग्रहण के दौरान पर्याप्त आराम करें। किसी तरह का भारी काम करने से बचें।
5. ग्रहण के दौरान सूर्य देव के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
1. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं घर के बाहर भूलकर भी न निकलें, इससे गर्भस्थ शिशु पर बुरा असर हो सकता है।
2. चाकू, कैंची या सुई जैसी नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल न करें।
3. जितना जरूरी हो सिर्फ उतना ही भोजन करें, उससे ज्यादा नहीं।
4. ग्रहण के दौरान भगवान की पूजा-पाठ करने से भी बचना चाहिए।
5. ग्रहण में गलत विचार मन में न लाएं नहीं तो गर्भस्थ शिशु पर भी इसका असर हो सकता है।
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