Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान करें राशि अनुसार मंत्रों का जाप, संवर जाएगी बिगड़ी किस्मत

Published : Aug 11, 2026, 01:02 PM IST
Surya Grahan Rashi Anusar Upay

सार

Surya Grahan Mantra: सूर्य ग्रहण का ज्योतिषिय और धार्मिक महत्व भी है। सूर्य ग्रहण के दौरान मंत्र जाप करने से जीवन में चल रही परेशानियां कम हो सकती हैं और किस्मत का साथ भी मिलने लगता है।

Surya Grahan Rashi Anusar Upay: 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को पूजा-पाठ और मंत्र जाप के लिए विशेष समय माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए उपायों का फल कई गुना बढ़ जाता है। विद्वानों के अनुसार यदि ग्रहण काल में अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जाप किया जाए तो बिगड़ी किस्मत भी संवर जाती है। आगे जानिए किस राशि के लोगों को सूर्य ग्रहण के दौरान कौन-सा मंत्र जपना चाहिए…

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सूर्य ग्रहण में राशि अनुसार मंत्र

मेष राशि: ऊं आदित्याय नमः
वृषभ राशि: ऊं सूर्याय नमः
मिथुन राशि: ऊं भास्कराय नमः
कर्क राशि: ऊं रवये नमः

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सिंह राशि: ऊं घृणि सूर्याय नमः
कन्या राशि: ऊं मित्राय नमः
तुला राशि: ऊं पूष्णे नमः
वृश्चिक राशि: ऊं हिरण्यगर्भाय नमः
धनु राशि: ऊं मार्तण्डाय नमः
मकर राशि: ऊं दिवाकराय नमः
कुंभ राशि: ऊं प्रभाकराय नमः
मीन राशि: ऊं अर्काय नमः

मंत्र जाप करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

- मंत्र जाप शांत मन से करें।
- ग्रहण के समय नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
- किसी साफ और शांत स्थान पर बैठकर जाप करें।
- सूर्य देव का ध्यान करते हुए कम से कम 108 बार मंत्र जपें।

क्या भारत में दिखेगा ये सूर्य ग्रहण?

ज्योतिषियों के अनुसार 12 अगस्त 2026 को होने वाला साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक व अन्य नियम भी मान्य नहीं होंगे। जिन देशों में ये सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, सिर्फ वहीं के लोगों के लिए इससे जुड़े नियम मान्य होंगे जबकि मंत्र जाप का फल सभी लोगों को प्राप्त होगा।

12 अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण की टाइमिंग

भारतीय समय के अनुसार 12 अगस्त को होने वाला सूर्य ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनिट से शुरू होगा जो मध्य रात्रि 1 बजकर 28 मिनिट तक रहेगा। इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 24 मिनिट रहेगी। सूर्य ग्रहण का सूतक भी वहीं मान्य होगा जहां ये दिखाई देगा। सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले शुरू हो जाएगा जो ग्रहण के साथ ही समाप्त होगा।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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