
Sawan Shivratri Jalabhishek Time 2026: महाशिवरात्रि के बाद सावन शिवरात्रि का महत्व सबसे अधिक माना गया है। सावन भगवान शिव का महीना है और शिवरात्रि उनका प्रिय पर्व है। सावन में शिवरात्रि पर्व मनाने का मौका साल में सिर्फ एक ही बार मिलता है। इस बार 11 अगस्त, मंगलवार को सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन गजकेसरी राजयोग और पुष्य नक्षत्र का संयोग होने से ये पर्व और भी खास हो गया है। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व है। आगे जानिए सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक के कितने शुभ मुहूर्त हैं…
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जो लोग सुबह यानी ब्रह्म मुहूर्त में शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहते हैं, उनके लिए तड़के 04 बजकर 29 मिनिट से 05 बजकर 17 मिनिट तक का समय श्रेष्ठ है।
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पंचांग के अनुसार, 11 अगस्त को सुबह 07 बजकर 58 मिनिट से 09 बजकर 25 मिनिट तक अमृत काल रहेगा। ये मुहूर्त भी जलाभिषेक के लिए बहुत श्रेष्ठ माना गया है।
ज्योतिष शास्त्र में अभिजीत मुहूर्त का विशेष महत्व बताया गया है। इस मुहूर्त में की गई पूजा-पाठ का बहुत अधिक फल मिलता है। 11 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 06 मिनिट से 12 बजकर 57 मिनिट तक रहेगा।
प्रदोष काल शाम के समय को बोलते हैं। ये समय भी शिव पूजा के लिए बहुत उत्तम मना गया है। 11 अगस्त को प्रदोष काल शाम 07 बजकर 05 मिनिट से रात 09 बजकर 14 मिनिट तक रहेगा।
सावन शिवरात्रि में रात्रि पूजा का विधान भी है यानी रात के चारों पहर शिवजी की पूजा की जाती है। इस समय भी आप जलाभिषेक कर सकते हैं। इसके लिए शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 05 मिनिट से 12 बजकर 48 मिनिट तक रहेगा।
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