
Surya Grahan Mantra Jaap: सूर्य ग्रहण वैसे तो एक खगोलीय घटना है लेकिन हिंदू धर्म में इसे आम जनजीवन के लिए अशुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जब भी सूर्य ग्रहण होता है तो इसका निगेटिव असर देश-दुनिया के साथ-साथ हर व्यक्ति पर होता है। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को होने जा रहा है। ये ग्रहण भारत में कहीं दिखाई नहीं देगा लेकिन राशियों पर इसका अशुभ असर जरूर होगा। इस अशुभ प्रभाव से बचने के लिए मंत्र जाप एक आसान और अचूक उपाय है। आगे जानिए सूर्य ग्रहण में कौन-से मंत्रों का जाप करें, इसकी विधि और फायदे…
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1. ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम:
2. ऊं श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
3. ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
4. ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
5. नमामिशमीशान निर्वाण रूपं विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं।।
6. ऊं सूर्याय नमः
7. ऊं आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात
8. ऊं घृणि सूर्याय नमः
9. ऊं भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
10. ऊं रां राहवे नमः।
11. ऊं कें केतवे नमः
12. ऊं स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
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1. सूर्य ग्रहण शुरू होने से पहले मंत्र जाप के लिए स्थान तय कर उसे साफ कर लें। बैठने के लिए आसान और जाप के लिए माला का प्रबंध कर लें।
2. जब सूर्य ग्रहण शुरू हो तो शुद्ध घी का दीपक जलाकर उसके सामने आसन लगाकर बैठ जाएं। जितने मंत्र जाप करना हो, उसका संकल्प लें।
3. ऊपर बताए गए किसी भी एक मंत्र को चुनकर मंत्र जाप करना शुरू करें। ध्यान रखें मंत्र जाप के दौरान दीपक जलता रहना चाहिए।
4. मंत्र जाप मन ही मन में करें। संकल्प के अनुसार मंत्र जाप करने के बाद हाथ जोड़कर भगवान से ग्रहण के अशुभ फल से बचाने के लिए प्रार्थना करें।
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